UP Board Class 10 Hindi Question Answer 2026
MCQ + वर्णनात्मक प्रश्न | NCERT Based | Google Discover Ready
यदि आप UP Board Class 10 Hindi Exam 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए अत्यंत उपयोगी है। यहाँ बहुविकल्पीय प्रश्न, वर्णनात्मक प्रश्न एवं संस्कृत प्रश्न को पूरी तरह solved रूप में दिया गया है। यह कंटेंट Board Exam + Google Discover + Google News को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
Q.1 आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की रचना है-
Q.2 'सरस्वती' किस युग की पत्रिका है-
Q.3 रीतिकाल का दूसरा नाम है-
Q.4 प्रयोगवादी काव्यधारा के कवि हैं-
Q.5 'मित्रता' निबन्ध के अनुसार विश्वासपात्र मित्र है-
Q.6 ‘शुक्ल युग’ का नामकरण किस विद्वान् के नाम पर किया गया है-
Q.7 आचार्य रामचन्द्र शुक्ल प्रसिद्ध हैं-
Q.8 भक्तिकाल में सूरदास किस धारा के कवि हैं-
Q.9 सूरदास सिद्धहस्त थे-
Q.10 जयशंकर प्रसाद का निधन कब हुआ-
Q.11 ममता की झोपड़ी में शरण पानेवाला मुगल था-
Q.12 पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की पहली कहानी किस नाम से प्रकाशित हुई थी-
Q.13 तरुण क्या चाहते हैं-
Q.14 पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी किस युग के साहित्यकार थे-
Q.15 ‘वन-पथ पर’ कविता किस छन्द में लिखी गयी है-
Q.16 ‘धनुष-भंग’ कविता में राम के नेत्रों की तुलना किससे की गई है-
Q.17 ‘प्रात होत बल कैं संग जैहौं’ पंक्ति में ‘बल’ का अर्थ है-
Q.18 ‘धनुष-भंग’ प्रकरण श्रीरामचरितमानस के किस काण्ड से उद्धृत है-
Q.19 मरणं कुत्र मङ्गलं भवति-
Q.20 वाराणसी कस्याः नद्याः कूले स्थिता अस्ति-
वर्णनात्मक / दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नलिखित पद्यांशों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए–
(क) मोर-पखा सिर ऊपर राखिहौं, गुंज की माल गरें पहिरौंगी।
ओढ़ि पितम्बर लै लकुटी, बन गोधन ग्वारन संग फिरौंगी।।
भावतो वोहि मेरो रसखानि, सो तेरे कहैं सब स्वाँग करौंगी।
या मुरली मुरलीधर की, अधरान धरी अधरा न धरौंगी।।
(i) गोपी अपनी सखी के कहने पर कृष्ण की वेशभूषा में क्या-क्या धारण करने को तैयार है?
(ii) ‘भावतो वोहि मेरो रसखानि’ में ‘रसखानि’ से कौन संकेतित है?
(iii) गोपी कृष्ण का कौन-सा स्वाँग करने को तैयार नहीं है?
(iv) यहाँ कृष्ण का स्वाँग करनेवाली गोपी की किस भावना का पता चलता है?
उत्तर: गोपी अपनी सखी के कहने पर श्रीकृष्ण की वेशभूषा धारण करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। वह अपने सिर पर मोरपंख रखेगी, गले में गुंज की माला पहनेगी, पीताम्बर ओढ़ेगी तथा हाथ में लकुटी लेकर वन में गायों और ग्वाल-बालों के साथ विचरण करेगी। ‘भावतो वोहि मेरो रसखानि’ में ‘रसखानि’ से प्रसिद्ध भक्त कवि रसखान का संकेत मिलता है। गोपी कृष्ण की मुरली को अपने अधरों पर धारण करने को तैयार नहीं है। इस पद्यांश से गोपी की श्रीकृष्ण के प्रति गहन प्रेम, समर्पण और अनुराग की भावना प्रकट होती है।
(ख) जप, माला, छापा, तिलक, सरै न एकौ कामु।
मन-काँचै नाचे वृथा, साँचे राँचै रामु।
(i) प्रस्तुत काव्यांश में किस बात पर बल दिया गया है?
(ii) किस-किस से व्यक्ति का कोई एक भी काम सिद्ध नहीं होता?
(iii) व्यक्ति का मन कब व्यर्थ में ही नाचता है?
(iv) राम कब प्रसन्न होंगे?
उत्तर: प्रस्तुत काव्यांश में कवि ने बाह्य आडम्बरों की निरर्थकता पर बल दिया है। केवल जप, माला, छापा और तिलक जैसे बाहरी साधनों से व्यक्ति का कोई भी कार्य सिद्ध नहीं होता। जब व्यक्ति का मन काँच के समान अस्थिर और अशुद्ध होता है, तब वह व्यर्थ में ही नाचता रहता है। भगवान राम तभी प्रसन्न होते हैं जब मन सच्चा, शुद्ध और भक्ति भाव से युक्त होता है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित संस्कृत गद्यांश का सन्दर्भसहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए–
नागरिकः बहुकालं यावत् अचिन्तयत्, परं प्रहेलिकायाः उत्तरं दातुं समर्थः न अभवत्। अतः ग्रामीणम् अवदत् – “अहम् अस्याः प्रहेलिकायाः उत्तरं जानामि।” इदं श्रुत्वा ग्रामीणः अकथयत् – “यदि भवान् उत्तरं न जानाति, तर्हि ददातु दशरूप्यकाणि।” अतः म्लानमुखेन नागरिकेण समयानुसारं दशरूप्यकाणि दत्तानि।
उत्तर: प्रस्तुत गद्यांश में एक नागरिक और ग्रामीण के बीच की घटना का वर्णन किया गया है। नागरिक बहुत समय तक सोचता रहा, परंतु वह पहेली का उत्तर देने में समर्थ नहीं हो सका। इसके बाद उसने ग्रामीण से कहा कि वह इस पहेली का उत्तर जानता है। यह सुनकर ग्रामीण ने कहा कि यदि तुम उत्तर नहीं जानते हो तो दस रूपये देने होंगे। अंततः नागरिक ने म्लान मुख से समय आने पर दस रूपये दे दिए। यह गद्यांश सत्य स्वीकार करने और शर्त निभाने की शिक्षा देता है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए–
(क) नीचः कः अस्ति?
(ख) पुरुराजः केन सह युद्धम् अकरोत्?
उत्तर:
(क) नीचः दुर्जनः अस्ति।
(ख) पुरुराजः शत्रुणा सह युद्धम् अकरोत्।
प्रश्न 4. निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग और मूल शब्द अलग करके लिखिए– अभिवादन, परिक्रमा, आकर्षण, सुकर्म।
उत्तर:
अभिवादन = अभि + वादन
परिक्रमा = परि + क्रमा
आकर्षण = आ + कर्षण
सुकर्म = सु + कर्म
प्रश्न 5. निम्नलिखित के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए– आग, जल, देवता।
उत्तर:
आग – अग्नि, अनल
जल – नीर, तोय
देवता – ईश्वर, सुर

