📘 Chapter – 02 : बहुपद (Polynomials)
बहुपद :
ऐसे बीजीय व्यंजक, जिनमें चर राशियाँ केवल ऋणात्मक पूर्णांक (धनात्मक तथा शून्य) घात के रूप में हों, बहुपद कहलाते हैं।
ऐसे बीजीय व्यंजक, जिनमें चर राशियाँ केवल ऋणात्मक पूर्णांक (धनात्मक तथा शून्य) घात के रूप में हों, बहुपद कहलाते हैं।
\( a_0 + a_1x + a_2x^2 + a_3x^3 + \dots + a_nx^n \)
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| बहुपद (Polynomials) – शून्यक, ग्राफ व विविक्तकर |
जहाँ \(a_0, a_1, a_2, \dots , a_n\) वास्तविक संख्याएँ हैं,
\(a_n \neq 0\) तथा \(n\) एक ऋणरहित पूर्णांक (non-negative integer) है।
बहुपद की घात :
किसी बहुपद में चर राशि की उच्चतम घात वाले पद की घात को उस बहुपद की घात कहते हैं।
किसी बहुपद में चर राशि की उच्चतम घात वाले पद की घात को उस बहुपद की घात कहते हैं।
बहुपद का मान :
यदि \(x\) में \(p(x)\) एक बहुपद तथा \(a\) एक वास्तविक संख्या है, तो \(p(x)\) में \(x = a\) रखने पर प्राप्त मान को \(x = a\) पर बहुपद \(p(x)\) का मान कहते हैं।
यदि \(x\) में \(p(x)\) एक बहुपद तथा \(a\) एक वास्तविक संख्या है, तो \(p(x)\) में \(x = a\) रखने पर प्राप्त मान को \(x = a\) पर बहुपद \(p(x)\) का मान कहते हैं।
बहुपद के शून्यक :
एक वास्तविक संख्या \(k\) को किसी बहुपद \(f(x)\) का शून्यक कहते हैं, यदि
एक वास्तविक संख्या \(k\) को किसी बहुपद \(f(x)\) का शून्यक कहते हैं, यदि
\( f(k) = 0 \)
\(n\) घात के बहुपद के अधिक-से-अधिक \(n\) शून्यक हो सकते हैं।
बहुपद के शून्यकों का ज्यामितीय अर्थ :
जब भी कोई वक्र X-अक्ष को प्रतिच्छेद करता है, तो उस बिंदु / बिंदुओं का x-निर्देशांक वक्र का / के शून्यक होते हैं।
जब भी कोई वक्र X-अक्ष को प्रतिच्छेद करता है, तो उस बिंदु / बिंदुओं का x-निर्देशांक वक्र का / के शून्यक होते हैं।
बहुपद का ग्राफ :
द्विघातीय बहुपद \(ax^2 + bx + c\) का ग्राफ ‘U-आकार’ का होता है, इसे परवलय कहते हैं।
द्विघातीय बहुपद \(ax^2 + bx + c\) का ग्राफ ‘U-आकार’ का होता है, इसे परवलय कहते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य :
• एक शून्यतर अचर बहुपद का कोई शून्यक नहीं होता है।
• शून्य बहुपद की घात परिभाषित नहीं होती है।
• \(n\) घात वाले बहुपद में अधिकतम \(n\) शून्यक हो सकते हैं।
• एक शून्यतर अचर बहुपद का कोई शून्यक नहीं होता है।
• शून्य बहुपद की घात परिभाषित नहीं होती है।
• \(n\) घात वाले बहुपद में अधिकतम \(n\) शून्यक हो सकते हैं।
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द्विघातीय बहुपद का विविक्तकर :
यदि द्विघातीय बहुपद \[ f(x)=ax^2+bx+c \] हो, तो \[ D=b^2-4ac \] को बहुपद का विविक्तकर कहते हैं।
जहाँ \(D \ge 0\)
द्विघातीय बहुपद का विविक्तकर :
यदि द्विघातीय बहुपद \[ f(x)=ax^2+bx+c \] हो, तो \[ D=b^2-4ac \] को बहुपद का विविक्तकर कहते हैं।
जहाँ \(D \ge 0\)
किसी बहुपद के शून्यकों और गुणांकों में सम्बन्ध (Class 10)
द्विघातीय बहुपद
ax2 + bx + c, a ≠ 0
यदि α और β दो शून्यक हैं, तब –
शून्यकों का योग
$$ \alpha + \beta = -\frac{b}{a} $$
शून्यकों का गुणनफल
$$ \alpha\beta = \frac{c}{a} $$
शून्यकों से द्विघात बहुपद
$$ k[x^2 - (\alpha + \beta)x + \alpha\beta] $$
जहाँ k एक स्थिरांक है।
त्रिघातीय बहुपद
ax3 + bx2 + cx + d, a ≠ 0
यदि α, β तथा γ तीन शून्यक हैं, तब –
शून्यकों का योग
$$ \alpha + \beta + \gamma = -\frac{b}{a} $$
दो-दो शून्यकों के गुणन का योग
$$ \alpha\beta + \beta\gamma + \gamma\alpha = \frac{c}{a} $$
शून्यकों का गुणनफल
$$ \alpha\beta\gamma = -\frac{d}{a} $$
शून्यकों से त्रिघात बहुपद
$$ k[x^3 - (\alpha + \beta + \gamma)x^2 + (\alpha\beta + \beta\gamma + \gamma\alpha)x - \alpha\beta\gamma] $$
जहाँ k एक स्थिरांक है।

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