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UP Board Class 10 Hindi Important Questions Paper 3 2026 | Complete Question Paper with Answers

UP Board Class 10 Hindi Paper 3 Important Questions 2026 | Full Answers
UP BOARD

Class 10 Hindi

Paper–3 Important Questions

Paper – 3 | Board Exam 2026
Short Note: यह पोस्ट UP Board Class 10 Hindi Paper–3 (2026) के सम्पूर्ण प्रश्न–पत्र पर आधारित है। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न, गद्यांश व पद्यांश आधारित प्रश्न, संस्कृत अनुवाद, प्रश्न बैंक, पत्र–लेखन तथा निबन्ध लेखन के सभी प्रश्नों के उत्तर बोर्ड परीक्षा के अनुसार विस्तार से दिए गए हैं।
1. ‘भारत–दुर्दशा’ किस विधा की रचना है— 1 (A) जीवनी  (B) आत्मकथा (C) रेखाचित्र (D) एकांकी Ans: (D) एकांकी
2. ‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं— 1 (A) प्रेमचन्द (B) हजारीप्रसाद द्विवेदी (C) अमृतराय (D) हरिवंशराय ‘बच्चन’ Ans: (C) अमृतराय
3. शुक्लोत्तर–युग के लेखक हैं— 1 (A) राधाचरण गोस्वामी (B) चतुरसेन शास्त्री (C) दौलतराम (D) धर्मवीर भारती Ans: (D) धर्मवीर भारती
4. ‘राग दरबारी’ रचना के उपन्यासकार हैं— 1 (A) कमलेश्वर (B) श्रीलाल शुक्ल (C) अज्ञेय (D) नरेश मेहता Ans: (B) श्रीलाल शुक्ल
5. शुक्लयुगीन लेखक हैं— 1 (A) रामप्रसाद निरंजनी (B) माखनलाल चतुर्वेदी (C) यशपाल (D) सुदल मिश्र Ans: (B) माखनलाल चतुर्वेदी
6. गुप्तजी किस युग के कवि हैं— 1 (A) द्विवेदी युग के (B) भारतेन्दु युग के (C) शुक्ल युग के (D) आधुनिक युग के Ans: (A) द्विवेदी युग के
7. इनमें से महाकाव्य है— 1 (A) साकेत (B) भारत–भारती (C) झंकार (D) इनमें से कोई नहीं Ans: (A) साकेत
8. प्रगतिवादी कवि नहीं हैं— 1 (A) जयशंकरप्रसाद (B) सुमित्रानन्दन पन्त (C) रामधारीसिंह ‘दिनकर’ (D) सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ Ans: (A) जयशंकरप्रसाद
9. छायावाद युग की प्रमुख प्रवृत्तियाँ कौन–सी हैं— 1 (A) कुण्ठा और निराशा के स्वर (B) श्रृंगार और प्रेम–वेदना (C) नारी के प्रति परिवर्तित दृष्टिकोण (D) रीतिग्रंथों का निर्माण Ans: (B) श्रृंगार और प्रेम–वेदना
10. सुमित्रानन्दन पन्त का जन्म हुआ था— 1 (A) कौसानी (अल्मोड़ा) (B) नैनीताल (C) श्रीनगर (D) पौड़ी Ans: (A) कौसानी (अल्मोड़ा)
11. हास्य रस में विनोद का भाव क्या देखकर जागृत होता है— 1 (A) किसी की आकृति (B) किसी की वेशभूषा (C) किसी की चेष्टा (D) ये सभी Ans: (D) ये सभी
12. ‘रूपक’ अलंकार का उदाहरण है— 1 (A) आवत जात कुंज की गलियन रूप सुधा नित पीजै। (B) अपलक नयन नील–नयन विशाल। (C) खड़–खड़ करतल बजा, नाच रही केशव हवा। (D) ऊँची ओग–ओग हम नाहीं। Ans: (A)
13. सोरठा के किस चरण में 13 मात्राएँ होती हैं— 1 (A) केवल पहले (B) केवल दूसरे (C) पहले और तीसरे (D) दूसरे और चौथे Ans: (D) दूसरे और चौथे
14. ‘अभिभाषण’ में कौन–सा उपसर्ग है— 1 (A) अभि (B) अ (C) अण (D) भाषण Ans: (A) अभि
15. ‘त्वं’ किस विभक्ति और वचन का रूप है— 1 (A) द्वितीया, एकवचन (B) तृतीया, बहुवचन (C) चतुर्थी, एकवचन (D) सप्तमी, एकवचन Ans: (D) सप्तमी, एकवचन
16. किस समास में कोई अन्य (तीसरा) पद प्रधान होता है— 1 (A) बहुव्रीहि (B) द्वंद्व (C) द्विगु (D) कर्मधारय Ans: (A) बहुव्रीहि
17. ‘आज’ का तत्सम है— 1 (A) अद्य (B) अज (C) आय (D) अजा Ans: (A) अद्य
18. ‘भविष्यवाणी है कि आज वर्षा होगी।’ रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद है— 1 (A) संयुक्त वाक्य (B) सरल वाक्य (C) विशेषण उपवाक्य (D) मिश्र वाक्य Ans: (D) मिश्र वाक्य
19. ‘घायल’ हंस उड़ न पाया। वाक्य का भाववाच्य में परिवर्तन है— 1 (A) घायल हंस से उड़ा न गया (B) घायल हंस नहीं उड़ सकेगा (C) घायल हंस नहीं उड़ता है (D) घायल हंस से उड़ा न जाएगा Ans: (A) घायल हंस से उड़ा न गया
20. ‘मुझे शान्ति से काम करने दो।’ रेखांकित का पद–परिचय है— 1 (A) भाववाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, करण कारक (B) जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्म कारक (C) व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक (D) सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक Ans: (A)
1. निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
**2 + 2 + 2 = 6**
हिन्दी में प्रगतिशील साहित्य का निर्माण हो रहा है। उसके निर्माता यह समझ रहे हैं कि उनके साहित्य में भविष्य का गौरव निहित है। पर कुछ ही समय के बाद उनका यह साहित्य भी अतीत का स्मारक हो जाएगा। और आज जो तरंग हैं, वही वृद्ध होकर अतीत के गौरव का स्वप्न देखेंगे। उनके स्थान में तरंगों का फिर दूसरा दल आ जाएगा, जो भविष्य का स्वप्न देखेगा। दोनों के ही स्वप्न सुखद होते हैं, क्योंकि दूर के ढोल सुहावने होते हैं।
(i) गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(iii) प्रगतिशील साहित्य के निर्माता क्या समझ रहे हैं? Ans: (i) गद्यांश का पाठ प्रगतिशील साहित्य से सम्बन्धित है तथा इसके लेखक आचार्य रामचन्द्र शुक्ल हैं।

(ii) रेखांकित अंश में लेखक यह स्पष्ट करता है कि समय के साथ–साथ नवीन साहित्य भी पुराना हो जाता है। आज जो विचार नवीन प्रतीत होते हैं, वही भविष्य में अतीत बन जाते हैं।

(iii) प्रगतिशील साहित्य के निर्माता यह समझ रहे हैं कि उनके साहित्य में भविष्य का गौरव निहित है और वही आने वाले समय को दिशा देगा।
2. निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए— **2 + 2 + 2 = 6**
किलकत कान्हु घुटुरवन आवत। मणिमय कनक नन्द के आँगन, बिम्ब पकरिबै धावत। कबहुँ निरखि हरि आप छाँह को, कर सो पकरन चाहत। किलकि हँसत रजत हैं दंतियाँ, पनिप–पनिप नन्द बुलावत। अंचरा तर ले ढाँक, सर के प्रभु को दूध पियावत।
(i) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(iii) उपर्युक्त पद्यांश में किसकी बाल–क्रीड़ाओं का वर्णन किया गया है? Ans: (i) यह पद्यांश सूरदास द्वारा रचित है।

(ii) कवि ने बालकृष्ण की चंचलता, मधुरता और भोलेपन का सजीव चित्रण किया है।

(iii) इस पद्यांश में भगवान श्रीकृष्ण की बाल–क्रीड़ाओं का वर्णन किया गया है।
3. निम्नलिखित संस्कृत गद्यांशों का सन्दर्भसहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए—
**2 + 3 = 5**
नागरिकः बहुकालं यावत् अचिन्तयत्, परं प्रहेलिकायाः उत्तरं दातुं समर्थः न अभवत्। अतः ग्रामिणम् अवदत् “अहम् अस्याः प्रहेलिकायाः उत्तरं जानामि।” इदं श्रुत्वा ग्रामिणः अकथयत् “यदि भवान् उत्तरं न जानाति, तर्हि ददातु दशरूपकाणि।” अतः स्नानानन्तरं नागरिकेन समयानुसारं दशरूपकाणि दत्तानि। Ans: नागरिक बहुत समय तक सोचता रहा, पर वह पहेली का उत्तर देने में समर्थ नहीं हुआ। तब उसने ग्रामवासी से कहा कि वह इस पहेली का उत्तर जानता है। यह सुनकर ग्रामवासी ने कहा कि यदि तुम उत्तर नहीं दे सकोगे तो दस रूपए देने होंगे। स्नान के बाद नागरिक ने नियमानुसार दस रूपए दे दिए।
4.अपनी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खण्ड से कण्ठस्थ किया हुआ कोई एक श्लोक लिखिए, जो इस प्रश्न–पत्र में न आया हो Ans: श्लोक:-
विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्। पात्रत्वात् धनमाप्नोति, धनात् धर्मं ततः सुखम्॥
5.अपने मुहल्ले की नालियों की समुचित सफाई के लिए नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए। Ans: नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र :-
**नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र**

सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी महोदय,
नगर निगम, _________ (नगर का नाम)
**विषय:** मुहल्ले की नालियों की समुचित सफाई कराने हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके नगर के _________ मुहल्ले का निवासी हूँ। हमारे मुहल्ले की नालियाँ पिछले कई दिनों से गंदगी से भरी हुई हैं। नियमित सफाई न होने के कारण नालियों में पानी जमा रहता है, जिससे दुर्गंध फैल रही है तथा मच्छरों और कीटों का प्रकोप बढ़ गया है।

इस गंदगी के कारण बच्चों एवं बुज़ुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वर्षा के समय नालियाँ उफन जाती हैं, जिससे सड़क पर पानी भर जाता है और आवागमन में भी कठिनाई होती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक उचित कार्रवाई नहीं हो पाई है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया हमारे मुहल्ले की नालियों की शीघ्र एवं नियमित सफाई कराने की व्यवस्था करें, ताकि स्वच्छ वातावरण बना रहे और बीमारियों से बचाव हो सके।

आशा है कि आप हमारी समस्या पर शीघ्र ध्यान देंगे।

धन्यवाद।

भवदीय

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नाम: _________

पता: _________
दिनांक: _________
6.निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए—
**1 + 1 = 2**
(i) कुत्र मरणं मंगलं भवति?
(ii) आकाशः कः आसीत्?
(iii) अमृतोदकं कः स्पृशत्वा भवति?
(iv) किं न्यायेन वर्धते?
Ans: (i) **कुत्र मरणं मंगलं भवति?** → **धर्ममार्गे मरणं मंगलं भवति।**
(ii) **आकाशः कः आसीत्?** → **आकाशः शून्यः आसीत्।**
(iii) **अमृतोदकं कः स्पृशत्वा भवति?** → **अमृतोदकं स्पृशत्वा मनुष्यः अमरः भवति।**
(iv) **किं न्यायेन वर्धते?** → **धर्मः न्यायेन वर्धते।**
> परीक्षा में इनमें से **किसी भी दो** उत्तर लिखना पर्याप्त है।
7.स्वच्छ भारत अभियान पर निबन्ध लिखिए Ans: ### निबंध : **स्वच्छ भारत अभियान**
स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर की गई। इसका मुख्य उद्देश्य देश को स्वच्छ बनाना और लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
स्वच्छता से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और अनेक बीमारियों से बचाव होता है। गंदगी के कारण फैलने वाली बीमारियाँ जैसे मलेरिया, डेंगू और हैजा से बचने के लिए साफ-सफाई बहुत आवश्यक है। इस अभियान के अंतर्गत शौचालयों का निर्माण, खुले में शौच से मुक्ति, कूड़ा-कचरा प्रबंधन और स्वच्छ पेयजल पर विशेष ध्यान दिया गया है।
स्वच्छ भारत अभियान में सरकार के साथ-साथ आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, मोहल्ले और आसपास की सफाई का ध्यान रखे, तो देश स्वतः ही स्वच्छ बन सकता है। विद्यालयों में बच्चों को स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षा दी जा रही है।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि स्वच्छ भारत अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन आंदोलन है। हम सबका कर्तव्य है कि स्वच्छता को अपनी आदत बनाएं और एक स्वस्थ, सुंदर तथा स्वच्छ भारत के निर्माण में योगदान दें।

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