UP Board Class 10 Social Science | Paper–4 | 2026
UP Board Class 10 Social Science Paper 5 – प्रश्न उत्तर सहित (2026)
खण्ड – क : बहुविकल्पीय प्रश्न
1. भारत में संविधान की दृष्टि से कौन-सा कथन सही है—
(a) सनातन भारत का राजकीय धर्म है
(b) अल्पसंख्यकों को उनकी जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व
(c) धर्म के आधार पर भेदभाव का अभाव
(d) ईसाइयों को विशेषाधिकार
(a) सनातन भारत का राजकीय धर्म है
(b) अल्पसंख्यकों को उनकी जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व
(c) धर्म के आधार पर भेदभाव का अभाव
(d) ईसाइयों को विशेषाधिकार
उत्तर: (c) धर्म के आधार पर भेदभाव का अभाव
2. प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन किस नगर में आयोजित किया गया था—
(a) न्यूयॉर्क (b) रियो डी जेनेरो (c) पेरिस (d) नई दिल्ली
(a) न्यूयॉर्क (b) रियो डी जेनेरो (c) पेरिस (d) नई दिल्ली
उत्तर: (b) रियो डी जेनेरो
3. एकदलीय व्यवस्था किसको बढ़ावा देती है—
(a) लोकतान्त्रिक व्यवस्था (b) अधिनायकवादी व्यवस्था (c) कुलीन तन्त्र (d) राजतन्त्र
(a) लोकतान्त्रिक व्यवस्था (b) अधिनायकवादी व्यवस्था (c) कुलीन तन्त्र (d) राजतन्त्र
उत्तर: (b) अधिनायकवादी व्यवस्था
4. लैंगिक भेदभाव का अर्थ है—
(a) स्त्री–पुरुष की असमान भूमिका
(b) जैविक भिन्नता
(c) संख्या असमानता
(d) कोई नहीं
(a) स्त्री–पुरुष की असमान भूमिका
(b) जैविक भिन्नता
(c) संख्या असमानता
(d) कोई नहीं
उत्तर: (a) समाज में स्त्री एवं पुरुष की असमान भूमिका
5. निम्न में से कौन आधारभूत खनिज है—
(a) ताँबा (b) लौह अयस्क (c) अभ्रक (d) सोना
(a) ताँबा (b) लौह अयस्क (c) अभ्रक (d) सोना
उत्तर: (b) लौह अयस्क
6. लोकतन्त्र में शक्ति का स्रोत है—
(a) जनता (b) संसद (c) प्रधानमंत्री (d) राष्ट्रपति
(a) जनता (b) संसद (c) प्रधानमंत्री (d) राष्ट्रपति
उत्तर: (a) जनता
7. उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ—
(a) 1992 (b) 1986 (c) 1990 (d) 1995
(a) 1992 (b) 1986 (c) 1990 (d) 1995
उत्तर: (b) 1986
8. मानव विकास सूचकांक सर्वाधिक किस देश का है—
(a) बांग्लादेश (b) पाकिस्तान (c) श्रीलंका (d) नेपाल
(a) बांग्लादेश (b) पाकिस्तान (c) श्रीलंका (d) नेपाल
उत्तर: (c) श्रीलंका
9. सोपान कृषि की जाती है—
(a) ऊबड़ भूमि पर (b) ढाल वाली भूमि पर (c) मैदानी भूमि पर (d) मरुस्थली भूमि पर
(a) ऊबड़ भूमि पर (b) ढाल वाली भूमि पर (c) मैदानी भूमि पर (d) मरुस्थली भूमि पर
उत्तर: (b) ढाल वाली भूमि पर
10. भारत में प्रथम रेलगाड़ी चली—
(a) 1853 (b) 1857 (c) 1863 (d) 1872
(a) 1853 (b) 1857 (c) 1863 (d) 1872
उत्तर: (a) 1853
खण्ड – ख : वर्णनात्मक प्रश्न (लगभग 150 शब्द)
11.(i) राष्ट्रवाद क्या है? भारत में राष्ट्रवाद का उदय कैसे हुआ?
राष्ट्रवाद वह भावना है जिसमें लोग स्वयं को एक साझा इतिहास, संस्कृति,
भाषा और भविष्य वाले राष्ट्र का अंग मानते हैं। भारत में राष्ट्रवाद का
उदय ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ। अंग्रेजों की आर्थिक शोषण नीति,
भारतीयों के साथ भेदभाव तथा राजनीतिक अधिकारों की कमी ने जनता में
असंतोष उत्पन्न किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना ने
राजनीतिक चेतना को संगठित रूप दिया। समाचार पत्रों, साहित्य और
शिक्षा के प्रसार से राष्ट्रीय विचारों का विकास हुआ।
स्वदेशी आंदोलन, असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और
भारत छोड़ो आंदोलन ने सामूहिक अपनापन की भावना को मजबूत किया।
महात्मा गांधी के नेतृत्व ने जनसाधारण को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा।
इस प्रकार साझा संघर्षों के माध्यम से भारत में राष्ट्रवाद का उदय हुआ।
11.(ii) वियना संधि क्या थी? इसके उद्देश्य एवं व्यवस्थाएँ बताइए।
वियना संधि 1815 में नेपोलियन युद्धों की समाप्ति के बाद हुई।
इसका मुख्य उद्देश्य यूरोप में राजनीतिक स्थिरता और शक्ति संतुलन
स्थापित करना था। इस संधि के अंतर्गत यूरोप में राजतंत्रों की
पुनः स्थापना की गई और नेपोलियन द्वारा हटाए गए शासकों को
सत्ता में वापस लाया गया। फ्रांस को कमजोर किया गया ताकि वह
भविष्य में आक्रमण न कर सके। यूरोपीय सीमाओं का पुनर्निर्धारण
किया गया और राष्ट्रवादी आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया गया।
हालाँकि इस संधि ने कुछ समय के लिए शांति बनाए रखी, लेकिन
राष्ट्रवाद की भावना को पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकी।
12.(i) साम्प्रदायिकता की अवधारणा एवं भारतीय राजनीति में इसके रूप।
साम्प्रदायिकता वह विचारधारा है जिसमें किसी एक धर्म को
राजनीतिक या सामाजिक लाभ के लिए अन्य धर्मों से श्रेष्ठ माना जाता है।
भारतीय राजनीति में साम्प्रदायिकता का प्रयोग अक्सर
वोट बैंक की राजनीति के रूप में किया जाता है।
धार्मिक भावनाओं को भड़काकर राजनीतिक समर्थन प्राप्त करना,
दंगे फैलाना और समाज को धर्म के आधार पर बाँटना
इसके प्रमुख रूप हैं। यह राष्ट्रीय एकता और लोकतान्त्रिक
मूल्यों को कमजोर करती है तथा समाज में तनाव उत्पन्न करती है।
12.(ii) साम्प्रदायिकता लोकतन्त्र के लिए घातक क्यों है?
साम्प्रदायिकता लोकतन्त्र के लिए घातक है क्योंकि यह समाज को
धर्म के आधार पर विभाजित कर देती है।
इससे आपसी भाईचारा समाप्त होता है और हिंसा बढ़ती है।
दूसरे, यह लोकतन्त्र के मूल सिद्धांतों जैसे समानता,
धर्मनिरपेक्षता और स्वतंत्रता को कमजोर करती है।
राजनीति जब धर्म आधारित हो जाती है तो राष्ट्रीय हित
पीछे छूट जाते हैं और लोकतान्त्रिक व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है।
13.(i) भारत में छोटे अनाज की पैदावार बढ़ाने के उपाय।
छोटे अनाज की पैदावार बढ़ाने के लिए उन्नत बीजों का प्रयोग,
सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीक,
किसानों को प्रशिक्षण तथा सरकारी समर्थन मूल्य आवश्यक है।
इसके साथ ही जागरूकता और बाजार सुविधाएँ भी उत्पादन बढ़ाती हैं।
13.(ii) भारत में गैर-परम्परागत संसाधन।
गैर-परम्परागत संसाधन वे ऊर्जा स्रोत हैं जो नवीकरणीय और
पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। इनमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा,
जैव ऊर्जा और भू-तापीय ऊर्जा शामिल हैं।
ये प्रदूषण रहित हैं और भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
14.(i) भारत में उपभोक्ता आन्दोलन।
भारत में उपभोक्ता आंदोलन मिलावट, कालाबाज़ारी और
अनुचित व्यापार प्रथाओं के विरोध में शुरू हुआ।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 इसकी प्रमुख उपलब्धि है,
जिसने उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की।
14.(ii) मुद्रा दोहरे संयोग की समस्या को कैसे हल करती है?
वस्तु विनिमय प्रणाली में दोहरे संयोग की समस्या होती है।
मुद्रा एक सामान्य मूल्य माध्यम है,
जिससे वस्तुओं और सेवाओं का विनिमय सरल हो जाता है।
इस प्रकार मुद्रा इस समस्या का समाधान करती है।


