UP Board Class 10 Social Science Paper 6 – प्रश्नपत्र उत्तर सहित (2026)
यह पोस्ट UP Board Class 10 Social Science Paper–6 (2026) के लिए बहुविकल्पीय प्रश्न, लगभग 80 शब्दों के वर्णनात्मक प्रश्न तथा मानचित्र आधारित प्रश्नों के सम्पूर्ण हल प्रस्तुत करती है। यह परीक्षा की दृष्टि से अत्यन्त उपयोगी है।
(a) गैरीबाल्डी
(b) कावूर
(c) मैजिनी (मैट्जिनी)
(d) बिस्मार्क
(a) महात्मा गांधी
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) सुभाषचन्द्र बोस
(d) सरदार वल्लभभाई पटेल
(a) 1947
(b) 1948
(c) 1945
(d) 1946
(a) कृषि उत्पादों की कीमतों में गिरावट
(b) बेरोजगारी में वृद्धि
(c) आय और व्यापार में गिरावट
(d) नये उद्योग स्थापित होना
(a) भारत
(b) चीन
(c) जर्मनी
(d) फ्रांस
(a) 1922
(b) 1924
(c) 1925
(d) 1930
(a) समाज द्वारा संयुक्त शासन
(b) सत्ता का विभिन्न समूहों में बँटवारा
(c) बहुल कार्यपालिका
(d) सामूहिक मंत्रिमंडल
(a) विधानसभाओं में
(b) लोकसभा में
(c) पंचायती राज संस्थाओं में
(d) राज्यसभा में
(a) लोकतन्त्र
(b) राजतन्त्र
(c) तानाशाही
(d) इनमें से कोई नहीं
(a) राजनीतिक दल
(b) हित समूह
(c) दबाव समूह
(d) उपयुक्त सभी
1.(i) ज्यूसेपे मैजिनी के विचार
ज्यूसेपे मैजिनी इटली के एक प्रमुख राष्ट्रवादी नेता एवं विचारक थे। वे राष्ट्र को ईश्वर की देन मानते थे और मानते थे कि प्रत्येक राष्ट्र को स्वतंत्र होना चाहिए। उनका विश्वास था कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। मैजिनी निरंकुश राजशाही के कट्टर विरोधी थे और लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना के समर्थक थे। उनके विचारों ने यूरोप में राष्ट्रवादी आंदोलनों को प्रेरणा दी और इटली के एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
1.(ii) गांधीजी ने अपनी पुस्तक ‘हिन्द स्वराज’ में असहयोग आन्दोलन के पक्ष में क्या तर्क दिए?
महात्मा गांधी ने अपनी पुस्तक ‘हिन्द स्वराज’ में अंग्रेजी शासन को भारत की समस्याओं का मूल कारण बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन हिंसा, शोषण और नैतिक पतन पर आधारित है। गांधीजी का मानना था कि अंग्रेजों से सहयोग करके स्वराज प्राप्त नहीं किया जा सकता। असहयोग आन्दोलन के माध्यम से अंग्रेजी शासन को नैतिक और आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सकता है। सत्य और अहिंसा के मार्ग से ही भारत स्वतंत्र हो सकता है।
2.(i) भारत में बहुदलीय व्यवस्था ने लोकतन्त्र को किस प्रकार मजबूत किया है?
भारत में बहुदलीय व्यवस्था ने लोकतन्त्र को सशक्त बनाया है। इस व्यवस्था के कारण विभिन्न विचारधाराओं, वर्गों और समुदायों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलता है। जनता के पास अनेक राजनीतिक विकल्प होते हैं, जिससे सत्ता पर नियंत्रण बना रहता है। यह व्यवस्था तानाशाही की संभावना को कम करती है और लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे सहभागिता और उत्तरदायित्व को मजबूत करती है।
2.(ii) लोकतन्त्र में सत्ता की साझेदारी क्यों जरूरी है?
लोकतन्त्र में सत्ता की साझेदारी इसलिए आवश्यक है क्योंकि इससे समाज के विभिन्न वर्गों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित होती है। सत्ता की साझेदारी सामाजिक संघर्ष को कम करती है और राजनीतिक स्थिरता प्रदान करती है। यह व्यवस्था सरकार को अधिक उत्तरदायी बनाती है और निर्णय प्रक्रिया को संतुलित एवं पारदर्शी बनाती है। इससे लोकतन्त्र अधिक मजबूत होता है।
3.(i) भारत में सड़क परिवहन के आर्थिक महत्व की विवेचना कीजिए।
भारत में सड़क परिवहन का अत्यधिक आर्थिक महत्व है। यह कृषि उत्पादों, औद्योगिक वस्तुओं और कच्चे माल के परिवहन का प्रमुख साधन है। सड़क परिवहन ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी बाजारों से जोड़ता है। इससे व्यापार को बढ़ावा मिलता है और रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं। कम दूरी के परिवहन में यह सबसे सस्ता, लचीला और सुविधाजनक साधन माना जाता है।
3.(ii) भारत में लौह-अयस्क के उत्पादन पर टिप्पणी कीजिए।
भारत लौह-अयस्क उत्पादन में विश्व के प्रमुख देशों में शामिल है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और गोवा इसके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। लौह-अयस्क इस्पात उद्योग का आधार है, जिससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलता है। यह निर्यात के माध्यम से विदेशी मुद्रा अर्जित करने में भी सहायक है।
4.(i) आर्थिक विकास से आप क्या समझते हैं?
आर्थिक विकास का अर्थ केवल राष्ट्रीय आय में वृद्धि नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार भी है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं का विकास शामिल होता है। आर्थिक विकास से गरीबी और असमानता में कमी आती है। यह समाज के समग्र सामाजिक और आर्थिक उत्थान में सहायक होता है।
4.(ii) वैश्वीकरण का भारत में क्या प्रभाव पड़ा है?
वैश्वीकरण से भारत में विदेशी निवेश में वृद्धि हुई है। नए उद्योग स्थापित हुए हैं और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद और अधिक विकल्प प्राप्त हुए हैं। हालाँकि इसके कारण छोटे और कुटीर उद्योगों पर प्रतिस्पर्धा का दबाव भी बढ़ा है। फिर भी वैश्वीकरण ने भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व से जोड़ा है।
निर्देश : निम्नलिखित स्थानों को भारत के दिए गए रेखा-मानचित्र में ○ चिन्ह द्वारा
नाम सहित दर्शाइए। सही नाम तथा सही अंकन के लिए
½, ½ अंक निर्धारित हैं—
(i) वह स्थान जहाँ सूती मिल श्रमिकों का सत्याग्रह हुआ था — अहमदाबाद
(ii) महात्मा गांधी का शहीद स्थल — दिल्ली
(iii) वह स्थान जहाँ चन्द्रशेखर आज़ाद शहीद हुए — इलाहाबाद (प्रयागराज)
(iv) वह स्थान जिसकी घटना के कारण महात्मा गांधी ने असहयोग आन्दोलन स्थगित किया — चौरी-चौरा
(v) वह स्थान जहाँ सितम्बर 1920 में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ — कलकत्ता

