Welcome back, Students! Continuing our "Exam Special" series, we have brought you Part 2 of the most important questions for your Social Science exams. If you missed Part 1, make sure to check it out on our blog! In this section, we move beyond the Indian freedom struggle to explore the functioning of the Indian Parliament, the dynamics of Global History, and the essentials of Indian Agriculture and Industry. These notes are curated to provide maximum information in minimum words, perfect for those "two days before the exam" study sessions. Key Topics in This Post: Political Science: Powers of the Lok Sabha, the Election of the Vice President, and India's Foreign Policy. World History: The American War of Independence and the Rise of Nationalism in Europe. Geography & Industry: Cotton Textile Industry, Rice Cultivation, and Modern Communication Services. Economics & Development: Land Reforms and Modern Agricultural Inputs in India. These points are structured to help you write high-scoring answers. Let's get started with your revision!
Exam Success Series Part 2: 10 Essential Questions on Civics, History & Geography
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11. भारत के उपराष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया, योग्यताएँ और उनके कार्यों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
भारत के उपराष्ट्रपति का पद संविधान के अनुच्छेद 63 के अंतर्गत स्थापित है। उनका चुनाव संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से किया जाता है। उपराष्ट्रपति बनने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना, कम से कम 35 वर्ष की आयु का होना तथा राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता होना आवश्यक है।
उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। वे सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं और अनुशासन बनाए रखते हैं। राष्ट्रपति के पद रिक्त होने या अनुपस्थित रहने की स्थिति में उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं।
अतः उपराष्ट्रपति का पद भारतीय संसदीय प्रणाली में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
12. अमेरिका का स्वतंत्रता संग्राम: इसके प्रमुख कारणों और परिणामों की समीक्षा कीजिए।
अमेरिका का स्वतंत्रता संग्राम 1775 से 1783 तक चला। इसके प्रमुख कारणों में ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाए गए कर, प्रतिनिधित्व के बिना कराधान (No Taxation without Representation) और उपनिवेशों पर नियंत्रण शामिल थे।
1776 में स्वतंत्रता की घोषणा की गई। जॉर्ज वॉशिंगटन के नेतृत्व में उपनिवेशों ने संघर्ष किया और अंततः 1783 में पेरिस की संधि के माध्यम से स्वतंत्रता प्राप्त की।
इस संग्राम के परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका का गठन हुआ और लोकतंत्र तथा गणतंत्र की अवधारणा को विश्व में बल मिला।
13. भारत में सूती वस्त्र उद्योग के स्थानीयकरण के कारकों और वितरण पर प्रकाश डालिए।
सूती वस्त्र उद्योग भारत का एक प्रमुख उद्योग है। इसके स्थानीयकरण के प्रमुख कारकों में कच्चे माल की उपलब्धता, सस्ता श्रम, बाजार की निकटता, परिवहन सुविधा और जलवायु शामिल हैं।
मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, कोयंबटूर और कानपुर इसके प्रमुख केंद्र हैं। गुजरात और महाराष्ट्र में कपास की उपलब्धता के कारण यह उद्योग अधिक विकसित हुआ।
यह उद्योग रोजगार सृजन और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
14. संचार सेवाओं का अर्थ स्पष्ट करते हुए इनके विभिन्न प्रकारों और आधुनिक युग में इनके महत्व की विवेचना कीजिए।
संचार सेवाएँ सूचना के आदान-प्रदान का माध्यम हैं। इनके प्रमुख प्रकार हैं – डाक सेवा, दूरसंचार, रेडियो, टेलीविजन और इंटरनेट।
आधुनिक युग में संचार सेवाओं का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है। ये व्यापार, शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक संपर्क में सहायक हैं। डिजिटल क्रांति ने सूचना को त्वरित और सुलभ बना दिया है।
अतः संचार सेवाएँ आधुनिक विकास की आधारशिला हैं।
15. भारत में भूमि सुधार के प्रमुख उद्देश्यों और कार्यक्रमों की व्याख्या कीजिए।
भूमि सुधार का उद्देश्य भूमि का समान वितरण और किसानों की स्थिति में सुधार करना है। जमींदारी उन्मूलन, भूमि सीमा निर्धारण और बटाईदारी सुधार इसके प्रमुख कार्यक्रम थे।
इन सुधारों का उद्देश्य किसानों को स्वामित्व अधिकार देना और कृषि उत्पादन बढ़ाना था। हालांकि, क्रियान्वयन में कई बाधाएँ आईं।
भूमि सुधार ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
16. चावल की खेती के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाएँ और प्रमुख उत्पादक क्षेत्र बताइए।
चावल की खेती के लिए उच्च तापमान (25°-35°C), अधिक वर्षा (100-200 सेमी) और उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी आवश्यक है। यह श्रम प्रधान फसल है।
भारत में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार और आंध्र प्रदेश प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
उचित सिंचाई और उन्नत बीज उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं।
17. यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय के लिए उत्तरदायी परिस्थितियों का वर्णन कीजिए।
फ्रांसीसी क्रांति (1789) ने स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के विचारों को जन्म दिया। नेपोलियन के अभियानों ने राष्ट्रवाद को फैलाया।
औद्योगिक क्रांति, शिक्षा का प्रसार और सांस्कृतिक एकता ने भी राष्ट्रवाद को बल दिया। जर्मनी और इटली का एकीकरण राष्ट्रवाद का परिणाम था।
इस प्रकार राष्ट्रवाद यूरोप के राजनीतिक परिवर्तन का प्रमुख कारण बना।
18. भारतीय विदेश नीति और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर निबन्ध लिखिए।
भारतीय विदेश नीति पंचशील और गुटनिरपेक्षता पर आधारित है। भारत शांति और सहयोग की नीति अपनाता है।
पाकिस्तान और चीन के साथ संबंध समय-समय पर तनावपूर्ण रहे, परंतु भारत वार्ता और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहता है।
भारत क्षेत्रीय सहयोग के लिए सार्क और अन्य मंचों का समर्थन करता है।
19. लोकसभा का गठन, सदस्यों की योग्यता, कार्यकाल और शक्तियों का वर्णन कीजिए।
लोकसभा का गठन प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा होता है। सदस्य बनने के लिए 25 वर्ष की आयु आवश्यक है। इसका कार्यकाल पाँच वर्ष है।
लोकसभा को वित्तीय शक्तियाँ प्राप्त हैं। यह मंत्रिपरिषद को उत्तरदायी बनाती है और अविश्वास प्रस्ताव पारित कर सकती है।
यह भारतीय लोकतंत्र का प्रमुख अंग है।
20. कृषि निविष्टि से आप क्या समझते हैं? भारतीय कृषि में आधुनिक निविष्टियों के महत्व को समझाइए।
कृषि निविष्टि वे साधन हैं जो उत्पादन बढ़ाने में सहायक होते हैं जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, सिंचाई और मशीनरी।
आधुनिक निविष्टियों से उत्पादन बढ़ता है, लागत घटती है और किसानों की आय में वृद्धि होती है। हरित क्रांति इसका उदाहरण है।
अतः आधुनिक कृषि निविष्टियाँ कृषि विकास की आधारशिला हैं।


