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UP Board Class 10 Science Chapter 4 Solutions in Hindi – कार्बन एवं इसके यौगिक
अगर आप Class 10 Science Chapter 4 Solutions (UP Board 2026) की तलाश में हैं, तो आप सही जगह पर हैं। यहाँ आपको Class 10 Science Chapter 4 Carbon and its Compounds Question Answer का पूरा समाधान सरल हिंदी भाषा में मिलेगा।
यह अध्याय बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस पेज पर हमने up board class 10 science pdf और class 10 science chapter 4 question answer pdf download के साथ-साथ सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स जैसे सहसंयोजक आबंध, IUPAC नामकरण और साबुनीकरण को कवर किया है।
📘 अध्याय : एक नजर में
🔹 कार्बन के गुण
- कार्बन में सहसंयोजी आबंध कार्बन की चतुसंयोजकता एवं शृंखलन प्रवृत्ति के कारण यह अनेक यौगिक बनाता है।
- कार्बन के अतिरिक्त के परमाणु हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और क्लोरीन भी इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से आबंध बनाते हैं।
- कार्बन के अपरूप हीरा, ग्रेफाइट तथा फुलरीन हैं।
🔹 जैव शक्ति सिद्धान्त
- बर्जीलियस के अनुसार “कार्बनिक यौगिकों के निर्माण के लिए जैवशक्ति की उपस्थिति आवश्यक है।” इसे जैवशक्ति सिद्धान्त कहते हैं।
🔹 हाइड्रोकार्बन
- कार्बनिक यौगिक सामान्यतः कार्बन तथा हाइड्रोजन से मिलकर बने होते हैं।
- इनके अतिरिक्त O, N, S, P या हैलोजन परमाणु भी हो सकते हैं।
- इन्हें क्रमशः हाइड्रोकार्बन एवं हाइड्रोकार्बन व्युत्पन्न कहते हैं।
🔹 समावयवता (Isomerism)
- वह परिघटना जिसमें यौगिकों के आणविक सूत्र समान होते हैं लेकिन भौतिक या रासायनिक गुण भिन्न होते हैं, समावयवता कहलाती है।
🔹 क्रियात्मक समूह
- वे समूह जो कार्बन श्रृंखला से जुड़कर उसके रासायनिक गुणों का निर्धारण करते हैं, क्रियात्मक समूह कहलाते हैं।
🔹 समजातीय श्रेणी
- ऐसे कार्बनिक यौगिक जिनका आणविक सूत्र एवं क्रियात्मक समूह समान हो तथा क्रमागत सदस्यों में –CH₂– का अंतर हो, समजातीय श्रेणी कहलाती है।
🔹 कार्बनिक यौगिकों का नामकरण
- (i) सामान्य या तुच्छ पद्धति – इसमें यौगिकों के नाम उनके स्रोत या गुण के आधार पर रखे जाते हैं।
- (ii) IUPAC पद्धति – इसमें हाइड्रोकार्बन के नाम के साथ क्रियात्मक समूह जोड़कर नामकरण किया जाता है।
- नामकरण का क्रम: पूर्वलेख + शब्दमूल + प्राथमिक अनुलेख + द्वितीयक अनुलेख
🔹 रासायनिक अभिक्रियाएँ
- (i) दहन – ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर CO₂ और जल बनता है।
- (ii) ऑक्सीकरण – ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का त्याग।
- (iii) संयोजन अभिक्रिया – बिना किसी अणु के त्याग के योग होता है।
- (iv) प्रतिस्थापन अभिक्रिया – एक समूह का दूसरे से प्रतिस्थापन।
🔹 महत्वपूर्ण कार्बनिक यौगिक
- (i) एथेनॉल – स्पिरिट ऑफ वाइन
- (ii) एथेनोइक अम्ल – सिरका
- (iii) साबुन – कार्बोक्सिलिक अम्लों के Na/K लवण
- (iv) अपमार्जक – सल्फोनेट/अमोनियम लवण
⚗️ महत्वपूर्ण रासायनिक अभिक्रियाएँ (Top 10)
CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा
व्याख्या: यह दहन अभिक्रिया है जिसमें मीथेन ऑक्सीजन के साथ जलकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनाता है तथा ऊष्मा उत्पन्न होती है।
CH₃CH₂OH + [O] → CH₃COOH
व्याख्या: एथेनॉल का ऑक्सीकरण होकर एथेनोइक अम्ल बनता है। यह ऑक्सीकरण अभिक्रिया का उदाहरण है।
CH₂=CH₂ + H₂ → CH₃–CH₃ (Ni, Heat)
व्याख्या: यह संयोजन अभिक्रिया है जिसमें असंतृप्त यौगिक (एथीन) हाइड्रोजन के साथ मिलकर संतृप्त यौगिक (एथेन) बनाता है।
CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl (Sunlight)
व्याख्या: यह प्रतिस्थापन अभिक्रिया है जिसमें मीथेन में हाइड्रोजन का स्थान क्लोरीन ले लेता है।
C₂H₅OH + 3O₂ → 2CO₂ + 3H₂O
व्याख्या: एथेनॉल का पूर्ण दहन होकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनते हैं।
CH₃COOH + NaOH → CH₃COONa + H₂O
व्याख्या: यह उदासीनीकरण अभिक्रिया है जिसमें अम्ल और क्षार मिलकर लवण और जल बनाते हैं।
C₂H₄ + Br₂ → C₂H₄Br₂
व्याख्या: यह संयोजन अभिक्रिया है जिसमें एथीन ब्रोमीन के साथ अभिक्रिया कर ब्रोमोएथेन बनाता है, जिससे ब्रोमीन का रंग समाप्त हो जाता है।
CH₃COOH + NaHCO₃ → CH₃COONa + CO₂ + H₂O
व्याख्या: एथेनोइक अम्ल सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न करता है।
2C₂H₂ + 5O₂ → 4CO₂ + 2H₂O
व्याख्या: एथाइन का दहन होकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनते हैं, यह उच्च ऊष्मा देने वाली अभिक्रिया है।
CH₃COOH + C₂H₅OH → CH₃COOC₂H₅ + H₂O (Conc. H₂SO₄)
व्याख्या: यह एस्टरीकरण अभिक्रिया है जिसमें एथेनोइक अम्ल और एथेनॉल मिलकर एस्टर (मीठी गंध वाला यौगिक) बनाते हैं।
🧪 IUPAC नामकरण (Top 10 Important – Exam Based)
प्रश्न 1. CH₄ का IUPAC नाम क्या है?
(i) मीथेन (ii) एथेन (iii) प्रोपेन (iv) ब्यूटेन
उत्तर— (i) मीथेन
प्रश्न 2. C₂H₆ का IUPAC नाम क्या है?
(i) एथेन (ii) मीथेन (iii) प्रोपेन (iv) एथीन
उत्तर— (i) एथेन
प्रश्न 3. CH₃–CH₂–OH का IUPAC नाम क्या है?
(i) एथेनॉल (ii) मेथेनॉल (iii) एथेन (iv) एथेनोइक अम्ल
उत्तर— (i) एथेनॉल
प्रश्न 4. CH₃COOH का IUPAC नाम क्या है?
(i) एथेनॉल (ii) एथेनोइक अम्ल (iii) मेथेनोइक अम्ल (iv) प्रोपेनोइक अम्ल
उत्तर— (ii) एथेनोइक अम्ल
प्रश्न 5. CH₃–CH₂–Br का IUPAC नाम क्या है?
(i) ब्रोमोएथेन (ii) क्लोरोएथेन (iii) एथेन (iv) ब्रोमोमीथेन
उत्तर— (i) ब्रोमोएथेन
प्रश्न 6. CH₂=CH₂ का IUPAC नाम क्या है?
(i) एथेन (ii) एथीन (iii) एथाइन (iv) प्रोपेन
उत्तर— (ii) एथीन
प्रश्न 7. CH≡CH का IUPAC नाम क्या है?
(i) एथेन (ii) एथीन (iii) एथाइन (iv) मीथेन
उत्तर— (iii) एथाइन
प्रश्न 8. HCHO का IUPAC नाम क्या है?
(i) मेथेनॉल (ii) मेथेनाल (iii) एथेनाल (iv) मेथेनोइक अम्ल
उत्तर— (ii) मेथेनाल
प्रश्न 9. CH₃–CO–CH₃ का IUPAC नाम क्या है?
(i) प्रोपेनोन (ii) एथेनोन (iii) ब्यूटेनोन (iv) मेथेनोन
उत्तर— (i) प्रोपेनोन
प्रश्न 10. CH₃–CH₂–CHO का IUPAC नाम क्या है?
(i) प्रोपेनाल (ii) एथेनाल (iii) ब्यूटेनाल (iv) मेथेनाल
उत्तर— (i) प्रोपेनाल
📂 NCERT फोल्डर समाधान (अध्याय के बीच के प्रश्न)
प्रश्न 1. CO₂ तथा CO के इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए।
उत्तर—
CO₂ में कार्बन (C) के 4 संयोजक इलेक्ट्रॉन तथा ऑक्सीजन (O) के 6 संयोजक इलेक्ट्रॉन होते हैं।
CO₂ की संरचना: O = C = O
CO में कार्बन तथा ऑक्सीजन के बीच त्रि-बंध बनता है।
CO की संरचना: C ≡ O
प्रश्न 2. सल्फर के 8 परमाणुओं वाले अणु (S₈) की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना क्या होगी?
उत्तर—
सल्फर के 8 परमाणु आपस में जुड़कर एक वलय (ring) बनाते हैं।
प्रत्येक सल्फर परमाणु दो अन्य सल्फर परमाणुओं से जुड़ा होता है।
इस प्रकार S₈ की संरचना एक चक्राकार (crown shape) होती है।
प्रश्न 3. पेंटेन (C₅H₁₂) के संरचनात्मक समावयवों को बनाइए।
उत्तर—
पेंटेन के तीन समावयव होते हैं:
(i) n-पेंटेन
(ii) आइसोपेंटेन (2-मेथिल ब्यूटेन)
(iii) नियोपेंटेन (2,2-डाइमेथिल प्रोपेन)
प्रश्न 4. कार्बन के दो गुणधर्म कौन-कौन से हैं, जिनके कारण वह अनेक यौगिक बनाता है?
उत्तर—
(i) शृंखलन (Catenation)
(ii) चतुसंयोजकता (Tetravalency)
प्रश्न 5. साइक्लोपेंटेन का सूत्र तथा संरचना क्या होगी?
उत्तर—
साइक्लोपेंटेन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ होता है।
अतः साइक्लोपेंटेन का सूत्र C₅H₁₀ है।
यह एक वलयाकार (ring) संरचना बनाता है जिसमें पाँच कार्बन परमाणु होते हैं।
प्रश्न 6. निम्न यौगिकों की संरचनाएँ चित्रित कीजिए—
(i) एथेनोइक अम्ल
(ii) ब्रोमोपेंटेन
(iii) ब्यूटेनोन
(iv) हेक्सेनल
उत्तर—
(i) एथेनोइक अम्ल: CH₃COOH
(ii) ब्रोमोपेंटेन: CH₃CH₂CH₂CH₂CH₂Br
(iii) ब्यूटेनोन: CH₃COCH₂CH₃
(iv) हेक्सेनल: CH₃CH₂CH₂CH₂CH₂CHO
प्रश्न 7. निम्न यौगिकों का नामकरण कैसे करेंगे?
उत्तर—
(i) CH₃–CH₂–Br → ब्रोमोएथेन
(ii) H–C = O → मेथेनाल
(iii) CH₃–CH₂–CH₂–C≡CH → 1-पेंटाइन
प्रश्न 8. एथेनॉल से एथेनोइक अम्ल में परिवर्तन को ऑक्सीकरण अभिक्रिया क्यों कहते हैं?
उत्तर—
ऑक्सीकरण वह अभिक्रिया है जिसमें किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का त्याग होता है।
CH₃CH₂OH + [O] → CH₃COOH + H₂O
एथेनॉल से एथेनोइक अम्ल बनने में ऑक्सीजन का योग तथा हाइड्रोजन का ह्रास होता है, अतः यह ऑक्सीकरण अभिक्रिया है।
प्रश्न 9. ऑक्सीजन तथा एथाइन के मिश्रण का दहन वेल्डिंग के लिए किया जाता है। क्या आप बता सकते हैं कि एथाइन तथा वायु के मिश्रण का उपयोग क्यों नहीं किया जाता?
उत्तर—
एथाइन वायु में अपूर्ण दहन करता है जिससे कम ऊष्मा उत्पन्न होती है तथा कालिख बनती है।
वेल्डिंग के लिए उच्च ताप आवश्यक होता है, जो एथाइन के शुद्ध ऑक्सीजन में दहन से प्राप्त होता है।
2HC≡CH + 5O₂ → 4CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा
प्रश्न 10. प्रयोग द्वारा आप एथेनॉल तथा एथेनोइक अम्ल में कैसे अंतर कर सकते हैं?
उत्तर—
लिटमस परीक्षण:
एथेनॉल लिटमस के रंग को परिवर्तित नहीं करता।
एथेनोइक अम्ल नीले लिटमस को लाल कर देता है।
सोडियम बाइकार्बोनेट परीक्षण:
एथेनॉल NaHCO₃ से अभिक्रिया नहीं करता।
एथेनोइक अम्ल NaHCO₃ के साथ अभिक्रिया करके CO₂ गैस उत्पन्न करता है।
class 10 science chapter 4 exercise question answer
📘 NCERT फोल्डर समाधान (अध्याय के अंत के प्रश्न 1–15)
प्रश्न 1. एथेन का आणविक सूत्र C₂H₆ है। इसमें :
(a) 6 सहसंयोजक आबन्ध हैं
(b) 7 सहसंयोजक आबन्ध हैं
(c) 8 सहसंयोजक आबन्ध हैं
(d) 9 सहसंयोजक आबन्ध हैं
उत्तर— (b) 7 सहसंयोजक आबन्ध हैं।
प्रश्न 2. ब्यूटेनोन, चतुर्कार्बन यौगिक है जिसका प्रकार्यात्मक समूह है—
(a) कार्बोक्सिलिक अम्ल
(b) एल्डिहाइड
(c) कीटोन
(d) एल्कोहॉल
उत्तर— (c) कीटोन
प्रश्न 3. खाना बनाते समय, यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही हो तो इसका मतलब है कि—
(a) भोजन पूरी तरह नहीं पका है।
(b) ईंधन पूरी तरह से जल नहीं रहा है।
(c) ईंधन आर्द्र है।
(d) ईंधन पूरी तरह से जल रहा है।
उत्तर— (b) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।
प्रश्न 4. CH₃Cl में आबन्ध संरचना का उपयोग कर सहसंयोजक आबन्ध की प्रकृति समझाइए।
उत्तर— CH₃Cl की आबन्ध संरचना निम्न प्रकार है—
H
|
H — C — Cl
|
H
इस संरचना में तीन हाइड्रोजन परमाणु कार्बन से सहसंयोजक आबन्ध द्वारा जुड़े हैं।
कार्बन और क्लोरीन के बीच भी सहसंयोजक आबन्ध है, परन्तु क्लोरीन कार्बन की अपेक्षा अधिक विद्युत ऋणात्मक है, इसलिए यह ध्रुवीय सहसंयोजक आबन्ध बनाता है।
CH₃Cl → CH₃⁺ + Cl⁻
प्रश्न 5. इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए—
(a) एथेनोइक अम्ल
(b) H₂S
(c) प्रोपेनोन
(d) F₂
उत्तर—
(a) CH₃CH₂OH (एथेनोइक अम्ल)
H H
| |
H–C–C–O–H
| ||
H O
(b) H₂S
H : S : H
(c) CH₃COCH₃ (प्रोपेनोन)
H O H
| || |
H–C–C–C–H
| |
H H
(d) F₂
:F — F:
प्रश्न 6. समजातीय श्रेणी क्या है? उदाहरण के साथ समझाइए।
उत्तर— कार्बनिक यौगिकों का वह समूह जिनका सामान्य सूत्र तथा प्रकार्यात्मक समूह एक समान होता है, समजातीय श्रेणी कहलाता है।
उदाहरण—
मेथेनॉल CH₃OH
एथेनॉल CH₃CH₂OH
प्रोपेनॉल CH₃CH₂CH₂OH
लक्षण—
(a) सभी का सामान्य सूत्र समान होता है
(b) समान प्रकार्यात्मक समूह होता है
(c) क्रमागत सदस्य में –CH₂ का अंतर होता है
(d) द्रव्यमान में 14 u का अंतर होता है
(e) गुणधर्म समान होते हैं
प्रश्न 7. भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर एथेनॉल एवं एथेनोइक अम्ल में कैसे अंतर करेंगे?
| एथेनॉल | एथेनोइक अम्ल |
| 1. इसकी विशिष्ट अल्कोहॉलिक गंध होती है। |
1. इसकी सिरके जैसी गंध होती है। |
| 2. इसका क्वथनांक 351 K होता है। |
2. इसका क्वथनांक 391 K होता है। |
| 3. इसका गलनांक 156 K होता है। |
3. इसका गलनांक 290 K होता है। |
| एथेनॉल (रासायनिक गुण) | एथेनोइक अम्ल (रासायनिक गुण) |
| 1. यह उदासीन पदार्थ है। |
1. यह अम्लीय पदार्थ है। |
| 2. एथेनॉल Na₂CO₃ से अभिक्रिया नहीं करता है। |
2. यह Na₂CO₃ से क्रिया करके सोडियम लवण एवं CO₂ गैस बनाता है। |
3. क्षारीय KMnO₄ की उपस्थिति में एथेनॉल एथेनोइक अम्ल बनाता है।
C₂H₅OH → CH₃COOH
|
3. यह KMnO₄ से अभिक्रिया नहीं करता है।
|
प्रश्न 8. जब साबुन को जल में डाला जाता है तो मिसेल का निर्माण क्यों होता है? क्या एथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में भी मिसेल का निर्माण होगा?
उत्तर— साबुन के अणु के दो मुख्य भाग होते हैं—एक जलरागी तथा दूसरा जलविरागी भाग।
कार्बन श्रृंखला वाला भाग जलविरागी होता है तथा आयनिक भाग जलरागी होता है।
जब साबुन को जल में डाला जाता है तो अपने आप इस प्रकार व्यवस्थित हो जाते हैं कि जलविरागी भाग अंदर तथा जलरागी भाग बाहर होता है।
इस प्रकार मिसेल का निर्माण होता है।
एथेनॉल एक अध्रुवीय विलायक है, अतः इसमें मिसेल नहीं बनते।
प्रश्न 9. कार्बन एवं उसके यौगिकों का उपयोग अधिकतर कार्यों में ईंधन के रूप में क्यों किया जाता है?
उत्तर— कार्बन और इसके यौगिक दहन के परिणामस्वरूप अधिक मात्रा में ऊष्मा देते हैं।
कार्बन और हाइड्रोजन की प्रतिशत मात्रा अधिक होने के कारण इनका ज्वलन ताप उचित होता है।
इनका रखरखाव आसान होता है तथा दहन नियंत्रित किया जा सकता है।
इसलिए इनका उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है।
प्रश्न 10. कठोर जल को साबुन से उपचारित करने पर झाग के निर्माण को समझाइए।
उत्तर— कठोर जल में कैल्सियम और मैग्नीशियम के घुलनशील लवण होते हैं।
जब साबुन से ये लवण क्रिया करते हैं तब अघुलनशील लवण बनाते हैं जिसे स्कम या झाग कहते हैं।
Ca²⁺ + 2R–COONa → (R–COO)₂Ca + 2Na⁺
Mg²⁺ + 2R–COONa → (RCOO)₂Mg + 2Na⁺
प्रश्न 11. यदि आप लिटमस पत्र (लाल एवं नीला) से साबुन की जाँच करें तो आपका प्रेक्षण क्या होगा?
उत्तर— साबुन की प्रकृति क्षारीय होती है। अतः यह लाल लिटमस को नीला कर देता है।
प्रश्न 12. हाइड्रोजनीकरण क्या है? इसका औद्योगिक उपयोग क्या है?
उत्तर— असंतृप्त हाइड्रोकार्बन श्रृंखला में हाइड्रोजन के योग को हाइड्रोजनीकरण कहते हैं।
यह क्रिया उत्प्रेरक की उपस्थिति में कराई जाती है।
H–C≡C–H + 2H₂ → CH₃–CH₃ (Ni / 473 K)
औद्योगिक उपयोग— असंतृप्त वसा को संतृप्त वसा (वनस्पति घी) में बदलने में।
प्रश्न 13. दिए गए हाइड्रोकार्बन में किसमें संकलन अभिक्रिया होगी?
उत्तर— C₂H₂ और C₃H₆ में योग अभिक्रिया होगी क्योंकि ये असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं।
प्रश्न 14. मक्खन एवं खाना बनाने वाले तेल के बीच रासायनिक अंतर समझने के लिए परीक्षण बताइए।
| मक्खन (संतृप्त) | खाद्य तेल (असंतृप्त) |
| ब्रॉमीन जल डालने पर रंग नहीं उड़ता। |
ब्रॉमीन जल डालने पर रंग उड़ जाता है। |
प्रश्न 15. साबुन की सफाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाइए।
उत्तर— साबुन के अणु के दो सिरे होते हैं—जलरागी और जलविरागी।
जलरागी भाग पानी में घुलता है और जलविरागी भाग गंदगी से जुड़ता है।
ये अणु मिलकर मिसेल बनाते हैं जिसमें गंदगी अंदर फँस जाती है।
इस प्रकार गंदगी पानी के साथ बाहर निकल जाती है और कपड़े साफ हो जाते हैं।
प्रश्न 7. भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर एथेनॉल एवं एथेनोइक अम्ल में कैसे अंतर करेंगे?
| एथेनॉल | एथेनोइक अम्ल |
| 1. इसकी विशिष्ट अल्कोहॉलिक गंध होती है। |
1. इसकी सिरके जैसी गंध होती है। |
| 2. इसका क्वथनांक 351 K होता है। |
2. इसका क्वथनांक 391 K होता है। |
| 3. इसका गलनांक 156 K होता है। |
3. इसका गलनांक 290 K होता है। |
| एथेनॉल (रासायनिक गुण) | एथेनोइक अम्ल (रासायनिक गुण) |
| 1. यह उदासीन पदार्थ है। |
1. यह अम्लीय पदार्थ है। |
| 2. एथेनॉल Na₂CO₃ से अभिक्रिया नहीं करता है। |
2. यह Na₂CO₃ से क्रिया करके सोडियम लवण एवं CO₂ गैस बनाता है। |
3. क्षारीय KMnO₄ की उपस्थिति में एथेनॉल एथेनोइक अम्ल बनाता है।
C₂H₅OH → CH₃COOH
|
3. यह KMnO₄ से अभिक्रिया नहीं करता है।
|
प्रश्न 8. जब साबुन को जल में डाला जाता है तो मिसेल का निर्माण क्यों होता है? क्या एथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में भी मिसेल का निर्माण होगा?
उत्तर— साबुन के अणु के दो मुख्य भाग होते हैं—एक जलरागी तथा दूसरा जलविरागी भाग।
कार्बन श्रृंखला वाला भाग जलविरागी होता है तथा आयनिक भाग जलरागी होता है।
जब साबुन को जल में डाला जाता है तो अपने आप इस प्रकार व्यवस्थित हो जाते हैं कि जलविरागी भाग अंदर तथा जलरागी भाग बाहर होता है।
इस प्रकार मिसेल का निर्माण होता है।
एथेनॉल एक अध्रुवीय विलायक है, अतः इसमें मिसेल नहीं बनते।
प्रश्न 9. कार्बन एवं उसके यौगिकों का उपयोग अधिकतर कार्यों में ईंधन के रूप में क्यों किया जाता है?
उत्तर— कार्बन और इसके यौगिक दहन के परिणामस्वरूप अधिक मात्रा में ऊष्मा देते हैं।
कार्बन और हाइड्रोजन की प्रतिशत मात्रा अधिक होने के कारण इनका ज्वलन ताप उचित होता है।
इनका रखरखाव आसान होता है तथा दहन नियंत्रित किया जा सकता है।
इसलिए इनका उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है।
प्रश्न 10. कठोर जल को साबुन से उपचारित करने पर झाग के निर्माण को समझाइए।
उत्तर— कठोर जल में कैल्सियम और मैग्नीशियम के घुलनशील लवण होते हैं।
जब साबुन से ये लवण क्रिया करते हैं तब अघुलनशील लवण बनाते हैं जिसे स्कम या झाग कहते हैं।
Ca²⁺ + 2R–COONa → (R–COO)₂Ca + 2Na⁺
Mg²⁺ + 2R–COONa → (RCOO)₂Mg + 2Na⁺
प्रश्न 11. यदि आप लिटमस पत्र (लाल एवं नीला) से साबुन की जाँच करें तो आपका प्रेक्षण क्या होगा?
उत्तर— साबुन की प्रकृति क्षारीय होती है। अतः यह लाल लिटमस को नीला कर देता है।
प्रश्न 12. हाइड्रोजनीकरण क्या है? इसका औद्योगिक उपयोग क्या है?
उत्तर— असंतृप्त हाइड्रोकार्बन श्रृंखला में हाइड्रोजन के योग को हाइड्रोजनीकरण कहते हैं।
यह क्रिया उत्प्रेरक की उपस्थिति में कराई जाती है।
H–C≡C–H + 2H₂ → CH₃–CH₃ (Ni / 473 K)
औद्योगिक उपयोग— असंतृप्त वसा को संतृप्त वसा (वनस्पति घी) में बदलने में।
प्रश्न 13. दिए गए हाइड्रोकार्बन में किसमें संकलन अभिक्रिया होगी?
उत्तर— C₂H₂ और C₃H₆ में योग अभिक्रिया होगी क्योंकि ये असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं।
प्रश्न 14. मक्खन एवं खाना बनाने वाले तेल के बीच रासायनिक अंतर समझने के लिए परीक्षण बताइए।
| मक्खन (संतृप्त) | खाद्य तेल (असंतृप्त) |
| ब्रॉमीन जल डालने पर रंग नहीं उड़ता। |
ब्रॉमीन जल डालने पर रंग उड़ जाता है। |
प्रश्न 15. साबुन की सफाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाइए।
उत्तर— साबुन के अणु के दो सिरे होते हैं—जलरागी और जलविरागी।
जलरागी भाग पानी में घुलता है और जलविरागी भाग गंदगी से जुड़ता है।
ये अणु मिलकर मिसेल बनाते हैं जिसमें गंदगी अंदर फँस जाती है।
इस प्रकार गंदगी पानी के साथ बाहर निकल जाती है और कपड़े साफ हो जाते हैं।
🔥 Top 10 MCQ (Exam Booster – Carbon & Its Compounds)
Q1. एथेन (C₂H₆) में कुल कितने सहसंयोजक बंध होते हैं?
(a) 6 (b) 7 (c) 8 (d) 9
उत्तर: (b) 7
Q2. ब्यूटेनोन का प्रकार्यात्मक समूह क्या है?
(a) एल्कोहॉल (b) एल्डिहाइड (c) कीटोन (d) अम्ल
उत्तर: (c) कीटोन
Q3. कौन-सा यौगिक असंतृप्त है?
(a) C₂H₆ (b) CH₄ (c) C₂H₂ (d) C₃H₈
उत्तर: (c) C₂H₂
Q4. एथेनॉल का रासायनिक सूत्र क्या है?
(a) CH₃COOH (b) CH₃OH (c) C₂H₅OH (d) C₂H₆
उत्तर: (c) C₂H₅OH
Q5. एथेनोइक अम्ल का सामान्य नाम क्या है?
(a) मेथेनॉल (b) सिरका (c) एसीटिक अम्ल (d) एथेन
उत्तर: (c) एसीटिक अम्ल
Q6. निम्न में से कौन-सा यौगिक ब्रॉमीन जल को रंगहीन कर देता है?
(a) एथेन (b) एथीन (c) मीथेन (d) ब्यूटेन
उत्तर: (b) एथीन
Q7. हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया में किस धातु का उपयोग उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है?
(a) Cu (b) Ni (c) Fe (d) Zn
उत्तर: (b) Ni
Q8. साबुन की सफाई क्रिया किस सिद्धांत पर आधारित है?
(a) विसरण (b) ऑक्सीकरण (c) मिसेल निर्माण (d) अपचयन
उत्तर: (c) मिसेल निर्माण
Q9. कौन-सा यौगिक अम्लीय है?
(a) एथेनॉल (b) एथेनोइक अम्ल (c) मीथेन (d) एथीन
उत्तर: (b) एथेनोइक अम्ल
Q10. समजातीय श्रेणी में क्रमागत यौगिकों में कितना अंतर होता है?
(a) CH₃ (b) CH₂ (c) CH₄ (d) COOH
उत्तर: (b) CH₂
❓ Top 10 FAQs (Carbon and Its Compounds – Class 10)
1. कार्बन के यौगिक इतने अधिक क्यों होते हैं?
उत्तर— कार्बन में चतुसंयोजकता और शृंखलन (Catenation) का गुण होता है, जिससे यह अनेक यौगिक बना सकता है।
2. सहसंयोजक बंध क्या होता है?
उत्तर— दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के साझाकरण से बनने वाला बंध सहसंयोजक बंध कहलाता है।
3. हाइड्रोकार्बन क्या होते हैं?
उत्तर— वे यौगिक जिनमें केवल कार्बन और हाइड्रोजन होते हैं, हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।
4. संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में क्या अंतर है?
उत्तर— संतृप्त में केवल एकल बंध होते हैं जबकि असंतृप्त में द्वि या त्रि बंध होते हैं।
5. एथेनॉल और एथेनोइक अम्ल में क्या अंतर है?
उत्तर— एथेनॉल एक अल्कोहॉल है जबकि एथेनोइक अम्ल एक कार्बोक्सिलिक अम्ल है जो अम्लीय गुण दिखाता है।
6. एस्टरीकरण अभिक्रिया क्या है?
उत्तर— अम्ल और अल्कोहल की अभिक्रिया से एस्टर बनने की प्रक्रिया एस्टरीकरण कहलाती है।
7. साबुन की सफाई क्रिया कैसे होती है?
उत्तर— साबुन माइसेल बनाकर गंदगी को घेर लेता है और पानी के साथ बाहर निकाल देता है।
8. हाइड्रोजनीकरण क्या है?
उत्तर— असंतृप्त यौगिकों में हाइड्रोजन जोड़ने की प्रक्रिया हाइड्रोजनीकरण कहलाती है।
9. समजातीय श्रेणी क्या होती है?
उत्तर— ऐसे यौगिक जिनमें समान प्रकार्यात्मक समूह हो और CH₂ का अंतर हो, समजातीय श्रेणी कहलाती है।
10. कार्बन यौगिक अच्छे ईंधन क्यों होते हैं?
उत्तर— इनके दहन से अधिक ऊष्मा प्राप्त होती है और ये आसानी से जलते हैं, इसलिए अच्छे ईंधन होते हैं।
Important Resources (PDF & Links)
छात्रों की सुविधा के लिए यहाँ कुछ महत्वपूर्ण लिंक्स दिए गए हैं:
Frequently Asked Questions (FAQs)
1. कार्बन की चतुःसंयोजकता (Tetravalency) क्या है?
उत्तर: कार्बन के बाहरी कोश में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए यह 4 अन्य परमाणुओं के साथ आबंध बना सकता है।
2. एस्टर का उपयोग कहाँ होता है?
उत्तर: एस्टर का उपयोग मुख्य रूप से इत्र (Perfume) और स्वाद उत्पन्न करने वाले कारकों (Flavoring agents) के रूप में होता है।
आशा है कि यह up board solutions class 10 hindi गाइड आपकी परीक्षा की तैयारी में मदद करेगी।
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