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UP Board Class 10 Science Chapter 2 Solutions in Hindi – अम्ल, क्षारक एवं लवण
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यह Chapter बोर्ड परीक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें pH मान, अम्ल-क्षार की पहचान, उदासीनीकरण अभिक्रिया तथा दैनिक जीवन में इनके उपयोग जैसे टॉपिक्स शामिल हैं। इस पेज में हमने Class 10 Science Chapter 2 Important Questions UP Board भी शामिल किए हैं, जो परीक्षा में सीधे पूछे जाते हैं।
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अध्याय: Class 10 Science Chapter 2 Notes एक नज़र में (Acids, Bases and Salts)
🔹 अम्ल (Acids):
वे पदार्थ जिनका स्वाद खट्टा होता है तथा जो नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं, अम्ल कहलाते हैं।
🔸 अम्लों का वर्गीकरण:
(i) प्रबल अम्ल: जल में पूर्णतः आयनित होते हैं।
उदाहरण – H₂SO₄, HCl, HNO₃
H₂SO₄ (aq) → 2H⁺ (aq) + SO₄²⁻ (aq)
(ii) दुर्बल अम्ल: जल में पूर्णतः आयनित नहीं होते।
उदाहरण – CH₃COOH, HCOOH, HCN
HCN (aq) ⇌ H⁺ (aq) + CN⁻ (aq)
🔹 क्षारक (Bases):
वे पदार्थ जिनका स्वाद कड़वा होता है तथा जो लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं।
🔸 क्षारकों का वर्गीकरण:
(i) प्रबल क्षारक: जल में पूर्णतः आयनित होकर OH⁻ आयन देते हैं।
उदाहरण – NaOH, KOH, Ba(OH)₂
KOH (aq) → K⁺ (aq) + OH⁻ (aq)
(ii) दुर्बल क्षारक: जल में पूर्णतः आयनित नहीं होते।
उदाहरण – NH₄OH, Al(OH)₃
Al(OH)₃ (aq) ⇌ Al³⁺ (aq) + 3OH⁻ (aq)
🔹 सूचक (Indicators):
अम्ल व क्षार की पहचान करने वाले पदार्थ सूचक कहलाते हैं।
🔹 pH मान:
किसी विलयन में उपस्थित H⁺ आयन की सांद्रता का माप pH कहलाता है।
pH = -log[H⁺]
🔹 उदासीनीकरण अभिक्रिया:
अम्ल + क्षार → लवण + जल
🔹 उदासीनीकरण उष्मा:
इस अभिक्रिया में उत्पन्न ऊर्जा को उदासीनीकरण उष्मा कहते हैं।
🔹 हाइड्रोजन आयन सांद्रता:
H⁺ आयनों की मात्रा से अम्लीयता निर्धारित होती है।
🔹 लवण (Salts):
अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से बनने वाले पदार्थ लवण कहलाते हैं।
महत्वपूर्ण लवण:
(i) सोडियम क्लोराइड (NaCl): सामान्य नमक
(ii) सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH): क्लोर-क्षार प्रक्रिया से प्राप्त
(iii) विरंजक चूर्ण (CaOCl₂): जल शुद्धिकरण व कपड़े साफ करने में उपयोग
(iv) खाने का सोडा (NaHCO₃): बेकिंग में उपयोग
(v) धावन सोडा (Na₂CO₃·10H₂O): सफाई में उपयोग
(vi) प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O): मूर्तियाँ बनाने में उपयोग
🔹 क्रिस्टलीय जल (Water of Crystallisation):
कुछ लवणों में निश्चित मात्रा में जल के अणु जुड़े रहते हैं, जिन्हें क्रिस्टलीय जल कहते हैं।
NCERT फोल्डर समाधान (अध्याय के बीच के प्रश्न)
प्रश्न 1. आपको तीन परखनलियों में A, B तथा C दिए गए हैं। इनमें से एक में आसुत जल एवं एक में अम्लीय विलयन तथा तीसरे में क्षारीय विलयन है। यदि केवल लाल लिटमस पत्र दिया जाता है, तो आप प्रत्येक परखनली में रखे गए पदार्थों की पहचान कैसे करेंगे?
उत्तर— सबसे पहले लाल लिटमस पत्र को बारी-बारी से तीनों विलयनों में डुबाया जाता है। जिस विलयन में यह नीला हो जाता है, वह क्षारीय है। इसे शेष दोनों परखनलियों से अलग रखते हैं। अब जो नीला लिटमस पत्र बन गया है, उसे शेष दो परखनलियों में डुबाते हैं। जो विलयन इसे प्रभावित नहीं करता, वह जल है तथा जो इसे लाल कर देता है, वह अम्लीय विलयन है।
प्रश्न 2. पीतल एवं तांबे के बर्तनों में दही तथा खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?
उत्तर— खट्टे पदार्थ (जैसे दही, नींबू का रस, इमली का रस, अचार आदि) में उपस्थित अम्ल तांबे अथवा पीतल से अभिक्रिया करके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक लवण उत्पन्न करते हैं। अतः इन्हें पीतल या तांबे के बर्तनों में न रखकर, काँच अथवा चीनी मिट्टी के बर्तनों में रखना चाहिए।
प्रश्न 3. धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः कौन-सी गैस निकलती है? एक उदाहरण के द्वारा समझाइए। इस गैस की उपस्थिति की जाँच आप कैसे करेंगे?
उत्तर— सामान्यतः जब कोई धातु तनु अम्लों (HCl अथवा H₂SO₄) से अभिक्रिया करती है, तो हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है। इस गैस अर्थात हाइड्रोजन के परीक्षण हेतु एक जलती हुई माचिस की तीली को गैस के पास ले जाने पर वह ‘पॉप’ की आवाज के साथ जलती है।
उदाहरण—
Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl₂(aq) + H₂(g)
Mg(s) + H₂SO₄(aq) → MgSO₄(aq) + H₂(g)
प्रश्न 4. कोई धातु यौगिक A तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है, तो बुदबुदाहट होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में से एक कैल्सियम क्लोराइड है, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर— प्रेक्षणानुसार, यौगिक A तनु HCl से अभिक्रिया करके CO₂ गैस उत्पन्न करता है, जो जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। अतः यौगिक A कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO₃) है।
संतुलित समीकरण—
CaCO₃(s) + 2HCl(aq) → CaCl₂(aq) + H₂O(l) + CO₂(g)
प्रश्न 5. HCl, HNO₃ आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीय अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं?
उत्तर— HCl, HNO₃ आदि जैसे अम्ल जलीय विलयन में आयनीकृत होकर हाइड्रोनियम आयन (H₃O⁺) उत्पन्न करते हैं।
HCl + H₂O → H₃O⁺ + Cl⁻
HNO₃ + H₂O → H₃O⁺ + NO₃⁻
H₃O⁺ आयनों की उपस्थिति इन अम्लों में अम्लीय अभिलक्षण के लिए उत्तरदायी होती है। दूसरी ओर, ऐल्कोहॉल, ग्लूकोज़ आदि जलीय विलयन में आयनीकृत नहीं होते हैं, इसलिए ये अम्लीय अभिलक्षण प्रदर्शित नहीं करते हैं।
प्रश्न 6. अम्ल का जलीय विलयन विद्युत का चालन क्यों करता है?
उत्तर— अम्ल को जल में मिलाने पर यह आयनीकृत हो जाता है। जब इस जलीय विलयन में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो इसमें उपस्थित आयन ही विद्युत का चालन करते हैं।
प्रश्न 7. शुष्क हाइड्रोजन क्लोराइड गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को क्यों नहीं परिवर्तित करती?
उत्तर— शुष्क हाइड्रोजन क्लोराइड गैस का आयनीकरण नहीं होता है। जब इसका जलीय विलयन बनाया जाता है, तब ही इसमें H₃O⁺ तथा Cl⁻ आयन उत्पन्न होते हैं। इसी अवस्था में यह अम्लीय गुण प्रदर्शित करता है। अतः शुष्क अवस्था में यह लिटमस पत्र के रंग को परिवर्तित नहीं करता।
प्रश्न 8. अम्ल का तनुकरण करते समय यह क्यों सुझाव दिया जाता है कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए, न कि जल को अम्ल में?
उत्तर— अम्ल का तनुकरण अत्यधिक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया है। यदि जल को अम्ल में मिलाया जाए, तो उत्पन्न ऊष्मा के कारण मिश्रण उछल सकता है और दुर्घटना हो सकती है। इसलिए अम्ल को धीरे-धीरे जल में मिलाना चाहिए, ताकि उत्पन्न ऊष्मा नियंत्रित रहे।
प्रश्न 9. अम्ल के विलयन को तनुकरण करते समय हाइड्रोनियम आयन (H₃O⁺) की सांद्रता कैसे प्रभावित होती है?
उत्तर— जब अम्ल को जल में मिलाया जाता है, तो H₃O⁺ आयनों की संख्या तो समान रहती है, लेकिन विलयन का आयतन बढ़ जाता है। अतः प्रति इकाई आयतन में H₃O⁺ आयनों की सांद्रता कम हो जाती है।
प्रश्न 10. जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में अधिक मात्रा में क्षारक मिलाते हैं, तो हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻) की सांद्रता कैसे प्रभावित होती है?
उत्तर— जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में अधिक मात्रा में क्षारक मिलाते हैं, तो OH⁻ आयनों की सांद्रता बढ़ जाती है।
प्रश्न 11. आपके पास दो विलयन A एवं B हैं। विलयन A का pH मान 6 है तथा विलयन B का pH मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है? इनमें से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षारीय है?
उत्तर— pH मान जितना कम होता है, H⁺ आयनों की सांद्रता उतनी अधिक होती है। अतः विलयन A (pH = 6) में H⁺ आयनों की सांद्रता अधिक है और यह अम्लीय है, जबकि विलयन B (pH = 8) क्षारीय है।
प्रश्न 12. H⁺(aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर— H⁺ आयन की सांद्रता विलयन की अम्लीय प्रकृति को निर्धारित करती है। H⁺ आयनों की सांद्रता बढ़ने पर विलयन अधिक अम्लीय हो जाता है।
प्रश्न 13. क्या क्षारीय विलयन में H⁺(aq) आयन होते हैं? अगर हाँ, तो यह क्षारीय क्यों होते हैं?
उत्तर— हाँ, क्षारीय विलयन में H⁺ आयन होते हैं, परंतु OH⁻ आयनों की सांद्रता H⁺ आयनों से अधिक होती है। इसी कारण यह विलयन क्षारीय होते हैं।
NCERT फोल्डर समाधान (अध्याय के अंत के प्रश्न)
प्रश्न 1. कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इसका pH मान सम्भवतः क्या होगा?
(i) 1 (ii) 4 (iii) 5 (iv) 10
उत्तर— (iv) 10, क्योंकि विलयन क्षारीय है, अतः इसका pH मान 7 से अधिक होगा।
प्रश्न 2. कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया करके एक गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है। इस विलयन में क्या होगा?
(i) NaCl (ii) HCl (iii) LiCl (iv) KCl
उत्तर— (ii) HCl, अंडे के कवच में CaCO₃ उपस्थित होता है।
CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂↑
CO₂ + Ca(OH)₂ → CaCO₃↓ + H₂O
प्रश्न 3. NaOH का 10 मिली विलयन, HCl के 8 मिली विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20 मिली लें, तो उदासीन करने के लिए HCl के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
(i) 4 मिली (ii) 8 मिली (iii) 12 मिली (iv) 16 मिली
उत्तर— (iv) 16 मिली, क्योंकि विलयन की सांद्रता नहीं बदलती है, अतः NaOH का आयतन दोगुना होने पर HCl का आयतन भी दोगुना हो जाता है।
प्रश्न 4. अपच का उपचार करने के लिए निम्न में से किस औषधि का उपयोग होता है?
(i) एंटीबायोटिक (ii) एनाल्जेसिक (iii) एंटासिड (iv) एंटीसेप्टिक
उत्तर— (iii) एंटासिड, पेट की अम्लता को उदासीन करने वाले पदार्थ (क्षार) एंटासिड कहलाते हैं।
प्रश्न 5. निम्न अभिक्रियाओं के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिए—
(i) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।
(ii) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मैग्नीशियम पट्टी के साथ अभिक्रिया करता है।
(iii) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल एल्युमिनियम चूर्ण के साथ अभिक्रिया करता है।
(iv) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लोहे की कील के साथ अभिक्रिया करता है।
उत्तर—
(i) जिंक + सल्फ्यूरिक अम्ल → जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
(ii) मैग्नीशियम + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन
Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂
(iii) एल्युमिनियम + सल्फ्यूरिक अम्ल → एल्युमिनियम सल्फेट + हाइड्रोजन
2Al + 3H₂SO₄ → Al₂(SO₄)₃ + 3H₂
(iv) लोहा + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → फेरस क्लोराइड + हाइड्रोजन
Fe + 2HCl → FeCl₂ + H₂
प्रश्न 6. ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन परमाणु होते हैं लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता है। एक क्रियाकलाप द्वारा इसे सिद्ध कीजिए।
उत्तर— 100 मिली बीकर में एक कॉर्क में दो कीलों को लगाकर 6V की बैटरी, बल्ब व स्विच से जोड़ते हैं। अब इसमें तनु HCl डालकर विद्युत धारा प्रवाहित करते हैं। यही क्रिया H₂SO₄, ग्लूकोज़ तथा ऐल्कोहॉल के साथ दोहराते हैं। HCl तथा H₂SO₄ में बल्ब जलता है, जबकि ग्लूकोज़ व ऐल्कोहॉल में नहीं। इससे सिद्ध होता है कि ये आयन उत्पन्न नहीं करते, इसलिए अम्ल नहीं हैं।
प्रश्न 7. आसुत जल विद्युत का चालक क्यों नहीं होता, जबकि वर्षा का जल होता है?
उत्तर— वर्षा के जल में घुले लवणों के कारण आयन उपस्थित होते हैं, जो इसे विद्युत का चालक बनाते हैं, जबकि आसुत जल में आयन नहीं होते, अतः यह चालक नहीं होता।
प्रश्न 8. जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता?
उत्तर— अम्ल के आयनीकरण के लिए जल आवश्यक है।
HA + H₂O → H₃O⁺ + A⁻
जल के बिना H₃O⁺ आयन नहीं बनते, इसलिए अम्ल अम्लीय गुण नहीं दिखाते।
प्रश्न 9. पाँच विलयन A, B, C, D तथा E को pH के मान क्रमशः 4, 1, 11, 7 तथा 9 प्राप्त होते हैं। बताइए—
(i) उदासीन विलयन
(ii) प्रबल क्षारीय
(iii) प्रबल अम्लीय
(iv) दुर्बल अम्लीय
(v) दुर्बल क्षारीय
उत्तर—
(i) D (pH = 7)
(ii) C (pH = 11)
(iii) B (pH = 1)
(iv) A (pH = 4)
(v) E (pH = 9)
प्रश्न 10. परखनली A एवं B में समान लंबाई की मैग्नीशियम की पट्टी लीजिए। परखनली A में HCl तथा B में CH₃COOH डालिए। किसमें अधिक तेजी से बुदबुदाहट होगी और क्यों?
उत्तर— HCl में अधिक तेजी से बुदबुदाहट होगी क्योंकि यह प्रबल अम्ल है और अधिक H⁺ आयन उत्पन्न करता है, जबकि CH₃COOH एक दुर्बल अम्ल है।
प्रश्न 11. ताजे दूध का pH मान 6 होता है। दही बनने पर इसके pH मान में क्या परिवर्तन होगा?
उत्तर— दही बनने पर pH मान घट जाएगा (6 से कम हो जाएगा), क्योंकि लैक्टिक अम्ल बनता है।
प्रश्न 12. एक ग्वाला ताजे दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है—
(i) pH क्यों बढ़ता है?
(ii) दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है?
उत्तर—
(i) बेकिंग सोडा क्षारीय है, इसलिए pH बढ़ता है।
(ii) अम्ल बनने में समय लगता है, इसलिए दही बनने में अधिक समय लगता है।
प्रश्न 13. प्लास्टर ऑफ पेरिस को वायुरुद्ध पात्र में क्यों रखा जाता है?
उत्तर— क्योंकि यह नमी के संपर्क में आकर जिप्सम में बदल जाता है।
प्रश्न 14. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर— अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से लवण एवं जल बनते हैं, इसे उदासीनीकरण कहते हैं।
NaOH + HCl → NaCl + H₂O
प्रश्न 15. धोने के सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो-दो प्रमुख उपयोग बताइए।
उत्तर—
धोने का सोडा— (i) कठोर जल को मुलायम करना (ii) साबुन/काँच उद्योग में उपयोग
बेकिंग सोडा— (i) बेकिंग पाउडर (ii) एंटासिड के रूप में
अम्ल, क्षारक एवं लवण: Top 10+ Board Exam FAQs
अक्सर बोर्ड परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर यहाँ दिए गए हैं:
1. अम्ल और क्षार की मुख्य पहचान क्या है?
उत्तर: अम्ल नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं, जबकि क्षारक लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं. अम्लों का स्वाद खट्टा और क्षारकों का स्वाद कड़वा होता है.
2. pH स्केल का मान 7 से कम होने पर विलयन कैसा होगा?
उत्तर: यदि pH मान 7 से कम है, तो विलयन अम्लीय (Acidic) होगा. 7 होने पर उदासीन और 7 से अधिक होने पर क्षारीय होगा.
3. उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization) किसे कहते हैं?
उत्तर: जब अम्ल और क्षारक आपस में अभिक्रिया करके लवण (Salt) और जल बनाते हैं, तो इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं.
4. विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder) का रासायनिक सूत्र क्या है?
उत्तर: विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र CaOCl₂ (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड) है.
5. प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का उपयोग कहाँ किया जाता है?
उत्तर: इसका उपयोग टूटी हुई हड्डियों को सही जगह पर स्थिर करने, मूर्तियाँ बनाने और सजावट के सामान बनाने में किया जाता है.
6. ताजे दूध का दही बनने पर उसके pH मान में क्या बदलाव आता है?
उत्तर: दही बनने पर दूध में लैक्टिक अम्ल का निर्माण होता है, जिससे इसका pH मान 6 से कम हो जाता है और यह अधिक अम्लीय हो जाता है.
7. एंटासिड (Antacid) का क्या कार्य है?
उत्तर: पेट में अपच (Acidity) के दौरान उत्पन्न अधिक अम्ल को उदासीन करने के लिए एंटासिड का उपयोग किया जाता है. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (Milk of Magnesia) एक सामान्य एंटासिड है.
8. शुष्क HCl गैस लिटमस पत्र का रंग क्यों नहीं बदलती?
उत्तर: क्योंकि शुष्क अवस्था में HCl आयनीकृत होकर H⁺ आयन उत्पन्न नहीं कर पाती. अम्लीय गुणों के प्रदर्शन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य है.
9. धोने का सोडा (Washing Soda) का सूत्र क्या है?
उत्तर: धोने के सोडे का रासायनिक सूत्र Na₂CO₃·10H₂O (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट) है.
10. अम्ल को तनु करते समय उसे जल में क्यों मिलाना चाहिए?
उत्तर: क्योंकि अम्ल में जल मिलाना अत्यंत ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया है. यदि अम्ल में जल डाला जाए, तो उत्पन्न ऊष्मा से मिश्रण बाहर उछल सकता है, जिससे दुर्घटना हो सकती है.