Class 10 History Chapter 1 – यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय (Notes, Question Answer, PDF)
यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय Class 10th NCERT Solution in Hindi (UP Board 2026)
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📊 एक नजर (Chapter Overview)
- राष्ट्रवाद की अवधारणा और उसका विकास
- फ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्रवाद
- इटली और जर्मनी का एकीकरण
- क्रांतिकारी आंदोलन और उदारवाद
- राष्ट्र-राज्य का निर्माण
📖 महत्वपूर्ण शब्द (Definitions)
1. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय
(क) ज्यूसेपे मेत्सिनी
(ख) काउंट कैमिलो दे कावूर
(ग) यूनानी स्वतंत्रता युद्ध
(घ) फ्रैंकफर्ट संसद
(ङ) राष्ट्रवादी संघर्षों में महिलाओं की भूमिका
उत्तर- (क) (1) ज्यूसेपे मेत्सिनी इटली का एक क्रांतिकारी था। उसका जन्म 1807 में जेनोआ में हुआ था।
(2) मेत्सिनी के कुछ प्रमुख विचार निम्नलिखित थे-
- (i) उसका मानना था कि राष्ट्र मानवता के प्राकृतिक इकाई होते हैं।
- (ii) उसके विचार में राष्ट्र-राज्यों का निर्माण स्वतंत्रता के संघर्ष का आवश्यक हिस्सा है।
- (iii) वह राजशाही के विरुद्ध था तथा लोकतांत्रिक गणतंत्र के आदर्श में विश्वास करता था।
- (iv) वह छोटे राज्यों तथा साम्राज्यों में विश्वास नहीं करता था। वह इन सबको मिलाकर एक बड़ा एकीकृत राष्ट्र बनाना चाहता था। उदाहरण के लिए, उसकी राय में केवल एकीकरण ही इटली की स्वतंत्रता का एकमात्र आधार हो सकता था।
(ख) (1) कावूर सार्डीनिया-पीडमॉण्ट साम्राज्य का मुख्यमंत्री था。
(2) कावूर के योगदान निम्नलिखित हैं-
- (i) उसका मुख्य उद्देश्य इटली को ऑस्ट्रिया के प्रभुत्व से मुक्ति दिलाना था।
- (ii) उसने चतुर कार्यशैली तथा कूटनीति की सहायता से इटली के एकीकरण के आंदोलन को संचालित किया।
- (iii) कावूर ने फ्रांस के साथ एक चतुर कूटनीतिक संधि की। इस संधि के द्वारा सार्डीनिया-पीडमॉण्ट ने 1859 में ऑस्ट्रियाई बलों को हरा दिया।
- (iv) ऑस्ट्रिया की इस हार ने इटली के एकीकरण के मार्ग को प्रशस्त कर दिया।
(ग) (1) यूनान पंद्रहवीं सदी से ही ऑटोमन साम्राज्य का हिस्सा था। यूरोप में क्रांतिकारी राष्ट्रवाद की प्रगति से यूनानियों का आज़ादी के लिए संघर्ष 1821 में ही आरम्भ हो गया।
(2) यूनान में राष्ट्रवादियों को निर्वासन में रह रहे यूनानियों के साथ-साथ पश्चिमी यूरोप के अनेक लोगों का भी समर्थन मिला जो प्राचीन यूनानी संस्कृति के प्रति सहानुभूति रखते थे।
(3) कवियों और कलाकारों ने यूनान को यूरोपीय सभ्यता का पालना बताकर उसकी प्रशंसा की और एक मुस्लिम साम्राज्य के विरुद्ध यूनान के संघर्ष के लिए जनमत जुटाया।
(4) अंततः 1832 की कुस्तुनतुनिया की संधि ने यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी।
(घ) (1) जर्मन इलाकों में बड़ी संख्या में राजनीतिक संगठनों ने फ्रैंकफर्ट शहर में मिलकर एक सर्व-जर्मन नेशनल असेंबली के पक्ष में मतदान का फैसला किया।
(2) 18 मई 1848 को, 831 निर्वाचित प्रतिनिधियों ने एक जुलूस के रूप में जा कर फ्रैंकफर्ट संसद में अपना स्थान ग्रहण किया। यह संसद सेंट पॉल चर्च में आयोजित की गई थी।
(3) उन्होंने एक जर्मन राष्ट्र के लिए एक संविधान का प्रारूप तैयार किया। इस राष्ट्र की अध्यक्षता एक ऐसे राजा को सौंपी गई जिसे संसद के अधीन रहना था।
(ङ) (1) महिलाओं ने अपनी स्वयं की राजनीतिक संगठनें स्थापित कीं।
(2) उन्होंने समाचार पत्रों का प्रकाशन शुरू किया तथा राजनीतिक बैठकों एवं प्रदर्शनों में जमकर हिस्सा लिया।
(3) हालाँकि, अभी तक उन्हें मताधिकार प्रदान नहीं किया गया था।
(4) ये महिलाएँ फ्रैंकफर्ट संसद में प्रतिनिधि के रूप में प्रवेश तो नहीं कर सकीं, किन्तु उन्होंने इस संसद में दर्शकों के रूप में भाग ज़रूर लिया।
अथवा
फ्रांसीसी क्रांतिकारियों द्वारा फ्रांसीसी लोगों में एक सामूहिक पहचान की भावना पैदा करने के लिए प्रारम्भ किए गए किन्हीं पाँच उपायों का वर्णन कीजिए। (2018-CBSE-Comptt)
अथवा
ऐसे किन्हीं तीन उपायों अथवा आचरणों को स्पष्ट कीजिए जिन्होंने फ्रांसीसी लोगों के बीच सामूहिक पहचान की भावना पैदा की। (2016-IN7UXWJ; 2011-02/B1)
अथवा
फ्रांसीसी लोगों में सामूहिक पहचान की भावना पैदा करने के लिए फ्रांसीसी क्रांतिकारियों द्वारा उठाए गए किन्हीं तीन कदमों का उल्लेख कीजिए। (2016-EWF1RCS; 2015-25TVI7H)
उत्तर-(1) पितृभूमि (la patrie) तथा नागरिक (le citoyen) जैसे विचारों ने संविधान के अंतर्गत समान अधिकारों का उपयोग करने वाले एक संयुक्त समुदाय की भावना पर जोर दिया।
(2) आरंभिक राजशाही मानकों की जगह तिरंगे को फ्रांस के नए राष्ट्रध्वज के रूप में स्थापित किया गया।
(3) सक्रिय नागरिकों के निकाय द्वारा इस्टेट जनरल का चुनाव किया गया तथा इसे 'राष्ट्रीय असेंबली' का नाम दिया गया।
(4) नए गीतों की रचना की गई, शपथें ली गईं तथा शहीदों को याद किया गया। यह सब एक राष्ट्र के नाम पर किया गया।
(5) एक केंद्रीय प्रशासनिक तंत्र की स्थापना की गई जिसने अपने क्षेत्र के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून बनाया।
(6) आंतरिक सीमा-शुल्कों तथा अन्य देय शुल्कों को समाप्त कर दिया गया तथा माप-तौल की एक समान व्यवस्था लागू की गई।
(7) क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोग को हतोत्साहित किया गया तथा पेरिस में जिस तरह से फ्रेंच बोली और लिखी जाती थी, वह राष्ट्र की साझा भाषा बन गई।
उत्तर-(1) मारीआन फ्रांस राष्ट्र का रूपक या प्रतीक थी।
(2) इसी प्रकार जर्मेनिया जर्मन राष्ट्र का रूपक या प्रतीक थी।
(3) उन्हें इस प्रकार चित्रित किया गया था कि वे राष्ट्र-राज्य के विचार को प्रदर्शित करते थे।
(4) वे इस तरह अपने देश का प्रतिनिधित्व करते थे मानो वह एक व्यक्ति हो।
(5) इसने राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया।
अथवा
जर्मन एकीकरण के निर्माता ऑटो वॉन बिस्मार्क थे। उनका योगदान क्या था? (2012-2030, 68032)
अथवा
जर्मनी के एकीकरण की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए। (2016-NSQF12)
अथवा
जर्मनी के एकीकरण की प्रक्रिया का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। (2016-BJN9BOJ)
उत्तर-जर्मन एकीकरण की प्रक्रिया निम्न प्रकार से हुई-
(1) 1848 में जर्मन महासंघ के विभिन्न इलाकों को जोड़कर एक निर्वाचित संसद द्वारा शासित राष्ट्र-राज्य बनाने का प्रयत्न किया गया। लेकिन इस उदारवादी पहल को राजशाही और फ़ौज की ताकत ने मिलकर दबा दी।
(2) प्रशा ने राष्ट्रीय एकीकरण के आंदोलन का नेतृत्व संभाल लिया। उसके प्रमुख मंत्री ऑटो वॉन बिस्मार्क इस प्रक्रिया के जनक थे।
(3) उसने प्रशा की सेना तथा नौकरशाही की मदद से सात वर्ष के दौरान ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और फ्रांस के साथ तीनों युद्ध जीत लिए।
(4) 18 जनवरी 1871 को, जर्मनी के राजकुमारों, सेना के प्रतिनिधियों और प्रमुख मंत्री बिस्मार्क समेत प्रशा के महत्वपूर्ण मंत्रियों की एक बैठक वर्साय के शीशमहल में हुई।
(5) सभा ने प्रशा के काइज़र विलियम प्रथम के नेतृत्व में नए जर्मन साम्राज्य की घोषणा की।
अथवा
नेपोलियन द्वारा अपने जीते हुए क्षेत्रों में लागू किए गए, किन्हीं पाँच सुधारों का वर्णन कीजिए। (2016-KT3AFRZ, GG2NXDH)
अथवा
"निस्संदेह नेपोलियन ने फ्रांस में लोकतंत्र को समाप्त कर दिया, किन्तु उसने कई क्रांतिकारी प्रशासनिक सुधार भी लागू किये।" कोई चार उदाहरण देते हुए इसका औचित्य सिद्ध कीजिए।
अथवा
"नेपोलियन ने फ्रांस में लोकतंत्र को तहस-नहस किया, लेकिन प्रशासन के क्षेत्र में उसने क्रान्तिकारी सिद्धान्तों का समावेश किया।" कथन को चार तर्कों सहित न्यायसंगत ठहराइए। (CBSE/2011/SA2/29/A1, 23/B1)
उत्तर-निम्नलिखित उदाहरण नेपोलियन द्वारा लागू किए गए प्रशासनिक सुधारों का औचित्य सिद्ध करते हैं :
(1) नेपोलियन की संहिता : इस संहिता को 1804 में लागू किया गया। इस संहिता ने जन्म पर आधारित विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया। इसने न केवल न्याय के समक्ष समानता स्थापित की बल्कि संपत्ति के अधिकार को भी सुरक्षित किया।
(2) ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार : प्रशासनिक विभाजन को सरलीकृत किया गया। सामंती व्यवस्था को खत्म कर दिया गया। किसानों को भू-स्वामियों तथा जमींदारों की बकाया राशि चुकाने के दायित्व से मुक्त कर दिया गया।
(3) शहरी क्षेत्रों में सुधार : शहरों में कारीगरों के श्रेणी-संघों के नियंत्रण को खत्म कर दिया गया। यातायात तथा संचार व्यवस्थाओं में सुधार लाया गया।
(4) व्यापार में सुधार : एक समान कानून, मानक भार एवं माप की व्यवस्था तथा एक ही राष्ट्रीय मुद्रा के लागू होने से व्यापार एवं व्यापारियों के विकास को बहुत अधिक बल मिला।
चर्चा करें
यूरोप में उदारवादियों द्वारा समर्थित राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक आदर्श क्या थे? (CBSE, 2011-SA-2, 11/B1)
अथवा
यूरोप में उन्नीसवीं सदी के आरम्भ में विकसित उदारवादी राष्ट्रीय भावना की चार मुख्य विशेषताओं की व्याख्या कीजिए। (CBSE, 2011-SA-2, 22/B1)
अथवा
उदारवाद के सिद्धांतों से, यूरोप किस प्रकार घनिष्ट रूप से संबंधित था? (2014-WMXH3I2-B)
उत्तर-यूरोप में शिक्षित उदारवादी मध्यवर्गीय लोगों के द्वारा राष्ट्रवादी विचारधारा का प्रचार और प्रसार हुआ। वे व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा कानून के समक्ष सब की समानता का अधिकार चाहते थे।
(1) राजनीतिक विचार-राजनीतिक रूप से उदारवाद एक ऐसी सरकार पर जोर देता था जो सहमति से बनी हो। फ्रांसीसी क्रांति के पश्चात् उदारवाद, निरंकुश शासक और पादरी वर्ग के विशेषाधिकारों की समाप्ति, संविधान और संसदीय प्रतिनिधि सरकार का पक्षधर था।
(2) सामाजिक विचार-उदारवादी समाज वर्ग-भेद के विरोधी थे, लेकिन उस समय महिलाओं और संपत्तिहीन पुरुषों को मताधिकार नहीं था। उदारवादी इस प्रकार के मतभेदों के विरुद्ध थे।
(3) आर्थिक विचार-उदारवाद बाजारों की मुक्ति और चीजों तथा पूँजी के आवागमन पर राज्य द्वारा लगाए गए नियंत्रणों को खत्म करने के पक्ष में था। 1834 में जॉलवेराइन नाम से शुल्क संघ स्थापित किया गया। इस संघ ने शुल्क अवरोधों को समाप्त कर दिया और मुद्राओं की संख्या तीस से दो कर दी। उस समय पनप रही व्यापक राष्ट्रवादी भावनाओं को आर्थिक राष्ट्रवाद की लहर ने मजबूत बनाया।
अथवा
क्या आप सहमत हैं कि यूरोप में 'राष्ट्र' के विचार के उदय में संस्कृति ने एक महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की? अपने उत्तर के औचित्य को सिद्ध कीजिए।
अथवा
"यूरोप में संस्कृति ने राष्ट्र के विचार के निर्माण में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।" इस कथन की सोदाहरण पुष्टि कीजिए। [वार्षिक परीक्षा (बाह्य दिल्ली), 2010]
उत्तर-हाँ, इस बात से सहमत हुआ जा सकता है कि यूरोप में राष्ट्र के विचार के उदय में संस्कृति ने महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस संस्कृति में भाषा, लोकगीत, लोकनृत्य, संगीत, नाटक आदि शामिल हैं। आइए देखते हैं कि कैसे इन घटकों ने राष्ट्रवाद को आकार देने में अपनी भूमिकाएँ अदा कीं।
- भाषा : पोलैंड में स्कूलों में पोलिश भाषा के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। प्रतिक्रिया स्वरूप चर्च में इकट्ठे होने वाले लोगों ने पोलिश भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। पोलिश भाषा का प्रयोग यूरोप में रूसी प्रभुत्व के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक बन गया।
- लोक कथा : ग्रिम बंधुओं ने बहुत सारी लोक कथाओं का संग्रह किया तथा उनका जर्मनी में फ्रांसीसी प्रभुत्व के विरुद्ध हथियार के रूप में प्रयोग किया।
- संगीत : पोलैंड में संगीत के माध्यम से राष्ट्रीय भावनाओं को जिंदा रखा गया।
- ओपेरा तथा लोक नृत्य : कैरोल कुर्पिंस्की ने राष्ट्रीय संघर्ष को ओपेरा के माध्यम से प्रदर्शित किया।
- पोलेनेस तथा माजुरका जैसे लोकनृत्यों का पोलैंड में राष्ट्रवादी प्रतीकों के रूप में प्रयोग किया गया।
उत्तर-19वीं सदी में राष्ट्र विभिन्न तरीकों से विकसित हुए। उदाहरण के लिए-
- इटली-सार्डीनिया-पीडमॉण्ट और उनके विभिन्न भागों जैसे, ऑस्ट्रिया आदि के शासकों के साथ हुए अनेक युद्धों के बाद उभरा। लेकिन यह केवल कूटनीतिक कौशल से संभव हो सका।
- वहीं ब्रिटेन का 'खूनखराबे का कोई इतिहास नहीं है। वहाँ एक जातीय समूह-अंग्रेज़ों ने अन्य जातीय समूह पर अपना दबदबा कायम किया और एक नया ब्रितानी राष्ट्र बनाया और आंग्ल संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया। नए ब्रिटेन के प्रतीक-चिह्नों, ब्रितानी झंडा (यूनियन जैक) और राष्ट्रीय गान को खूब बढ़ावा दिया गया। उन्होंने 'फूट डालो और राज करो' की नीति को बढ़ावा दिया, आयरलैंड इसका उदाहरण बना।
उत्तर-
- जर्मनी, इटली या फ्रांस से अलग ब्रिटेन में राष्ट्रराज्य का निर्माण किसी आंदोलन का परिणाम नहीं था।
- 18वीं सदी से पहले कोई ब्रिटिश राष्ट्र-राज्य अस्तित्व में नहीं था। ब्रिटिश राष्ट्र एक लंबी तथा धीरे चलने वाले राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक प्रक्रियाओं का परिणाम था।
- ब्रिटेन में संसद ने राजशाही के विरुद्ध एक लंबे वैचारिक संघर्ष के बाद सत्ता प्राप्त की थी। जिसके फलस्वरूप ब्रिटेन एक राष्ट्र-राज्य के रूप में उभरा था।
- (4) एक नए तथा विस्तृत ब्रिटिश राष्ट्र का निर्माण नजदीकी राज्यों में अंग्रेजी संस्कृति के प्रचार-प्रसार से संभव हो सका।
- (5) आयरलैंड तथा स्कॉटलैंड इसके उदाहरण थे।
अथवा
यूरोप में 1871 के बाद बाल्कन क्षेत्र में बनी विस्फोटक परिस्थितियों का वर्णन कीजिए। (CBSE, 2018-Delhi)
अथवा
बाल्कन प्रदेश में राष्ट्रवादी तनाव क्यों पनपा? पाँच बिन्दुओं में व्याख्या कीजिए। (2018-DoEm)
उत्तर-निम्नलिखित कारणों से बाल्कन क्षेत्र यूरोप में सर्वाधिक गंभीर राष्ट्रवादी तनाव का स्रोत था-
- बाल्कन एक भौगोलिक तथा जातीय भिन्नता वाला क्षेत्र था। इसमें आधुनिक रोमानिया, बुल्गेरिया, अल्बानिया, यूनान, मैसिडोनिया, क्रोएशिया, बॉस्निया-हर्जेगोविना, स्लोवेनिया, सर्बिया और मॉन्टेनिग्रो शामिल थे। इस क्षेत्र के निवासियों को स्लाव कहा जाता था।
- बाल्कन क्षेत्र का एक बहुत बड़ा हिस्सा ऑटोमन साम्राज्य के अधीन था। बाल्कन क्षेत्र में रूमानी राष्ट्रवाद के विचारों के फैलने तथा ऑटोमन साम्राज्य के विघटन से स्थिति काफी विस्फोटक हो गई।
- जैसे-जैसे विभिन्न स्लाव राष्ट्रीय समूहों ने अपनी पहचान और स्वतंत्रता की परिभाषा तय करने की कोशिश की, बाल्कन क्षेत्र गहरे टकराव का क्षेत्र बनता गया।
- बाल्कन राज्य एक-दूसरे से ईर्ष्या करते थे और हर एक राज्य अपने लिए ज्यादा से ज्यादा इलाका हथियाने की उम्मीद करता था। बाल्कन क्षेत्र बड़ी यूरोपीय शक्तियों के बीच भी प्रतिस्पर्धा का कारण बन गया।
- प्रत्येक यूरोपीय शक्ति जैसे कि रूस, जर्मनी, इंग्लैंड, ऑस्ट्रिया-हंगरी की हर ताकत बाल्कन पर अन्य शक्तियों की पकड़ को कमजोर करके क्षेत्र में अपने प्रभाव को बढ़ाना चाहती थी। इससे उस क्षेत्र में कई युद्ध हुए तथा अंततः, प्रथम विश्व युद्ध शुरू हो गया।
परियोजना कार्य
उत्तर-यूरोप से बाहर के देशों के कुछ राष्ट्रवादी प्रतीक निम्नलिखित हैं-
| क्र.सं. | राष्ट्रवादी प्रतीक | अमेरिका | रूस | चीन | भारत |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. | झंडा | नीले रंग वाले भाग के ऊपर 50 तारे जिस भाग के चारों ओर लाल और सफेद धारियाँ हैं। | सफेद, नीली और लाल रंग की तीन क्षैतिज धारियाँ। | एक बड़ा और पाँच छोटे पीले रंग के तारों के साथ लाल रंग का झंडा। | केसरिया, सफेद और हरे रंग की तीन धारियाँ तथा बीच वाली सफेद धारी में एक चक्र। |
| 2. | पक्षी | गंजा बाज (बाल्ड ईगल) | दो सिर (बाइस फैलिक) वाले बाज (डबल हेडेड ईगल) | चीनी ड्रैगन | मोर |
| 3. | फूल | गुलाब | कैमोमाइल (सूर्यमुखी का एक प्रकार) | पेऑनि | कमल |
| 4. | राष्ट्रगान | फ्राँसिस स्कॉट के द्वारा रचित द स्टार स्पैंगल्ड बैनर | सर्जी मिखालकॉन द्वारा रचित हिम ऑफ रशियन फेडरेशन | द मार्च ऑफ वॉलनटियर्स | रवीन्द्र नाथ टैगोर द्वारा रचित जन गण मन |
| 5. | राष्ट्रगीत | इर्विक बर्लिन द्वारा रचित गॉड ब्लेस अमेरिका | गैट्रिल डर्जाविन द्वारा रचित ग्रॉम पॉबेदि, राज दवाइस्या! | (i) द प्लम ब्लॉसम (ii) द इस्ट इज रेड |
बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वन्दे मातरम् |
ये राष्ट्रवादी प्रतीक यूरोपीय देशों के प्रतीकों से इस अर्थ में बहुत भिन्न हैं कि ये अपने-अपने देशों की राष्ट्रवादी भावनाओं को प्रकट करते हैं। [2]
गतिविधि तथा पाठगत प्रश्न
गतिविधि ( पृष्ठ संख्या 3 )
उत्तर-पाठ्यपुस्तक के प्रथम पृष्ठ पर दिए गए चित्र 1 में विश्वव्यापी प्रजातांत्रिक और सामाजिक गणराज्यों का स्वप्न देखा गया है। इसमें अनेक देशों को दिखाया गया है जो प्रजातांत्रिक और सामाजिक गणतंत्र बनने के मील के पत्थर को छुएँगे। यह वस्तुतः एक आदर्श स्थिति होगी। अतः, यह चित्र एक कल्पनादर्शी स्थिति का चित्रण करता है, क्योंकि इसके साकार होने की संभावना बहुत कम थी।
चर्चा करें ( पृष्ठ संख्या 4 )
उत्तर-(1) अर्न्स्ट रेनन के अनुसार एक राष्ट्र की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
- (i) एक राष्ट्र वृहत् पैमाने पर एकता का परिणाम है।
- (ii) किसी देश पर उसकी इच्छा के विरुद्ध कब्जा जमाए रखने में एक राष्ट्र की कोई दिलचस्पी नहीं होती है।
- (iii) राष्ट्र का अस्तित्व स्वतंत्रता की गारंटी है।
(2) (i) 'आधुनिक राज्य' से हमारा तात्पर्य एक ऐसे राज्य से है जिसमें एक केन्द्रीकृत सत्ता द्वारा एक सुपरिभाषित क्षेत्र पर प्रभुता संपन्न नियंत्रण स्थापित किया गया है। दूसरे शब्दों में आधुनिक राज्य में शासक तथा नागरिकों की अपनी अलग-अलग पहचान होती है।
(ii) 'राष्ट्र-राज्य' आधुनिक राज्यों से इस अर्थ में भिन्न हैं कि एक राष्ट्र-राज्य में शासक तथा नागरिकों की पहचान एक ही होती है तथा वे समान इतिहास की साझेदारी करते हैं। इस पहचान की स्थापना नेताओं तथा जन-सामान्य के साझे संघर्ष का परिणाम है।
पाठगत प्रश्न ( पृष्ठ संख्या 8 )
उत्तर-
- राष्ट्रवाद और राष्ट्र-राज्य का विचार यूरोपीय महादेश की सांस्कृतिक विविध ता एवं प्रादेशिक सामाजिक समूह से उभरा।
- औद्योगीकरण के कारण यूरोपीय समाज में परिवर्तन से नए मध्यम वर्ग का उदय हुआ।
- इसमें श्रमिक कार्यशील जनसंख्या, उद्योगपति, व्यवसायी, प्रोफेशनल, आदि शामिल थे।
- मध्यम वर्ग के शिक्षित और उदारवादी लोगों ने यूरोपीय समाज के सांस्कृतिक रूप से सक्षम वर्गों को एक करने का विचार किया।
- अतः, उसने राष्ट्रवाद पर विचार किया। इससे राष्ट्रवाद के विचार का उदय हुआ।
गतिविधि ( पृष्ठ संख्या 11 )
उत्तर-
चर्चा करें ( पृष्ठ संख्या 11 )
उत्तर-(1) व्यंग्यकार 19वीं सदी के यूरोप के रूढ़िवादी राजतंत्रों की वास्तविक प्रकृति को दर्शाने का प्रयास कर रहा है, जो उदारवाद और व्यक्ति की स्वतंत्रता को फलने-फूलने नहीं देना चाहते थे।
- (2) चित्र में, चिंतकों के क्लब में चिंतक तो हैं परंतु उनके पास अपने विचारों को व्यक्त करने की शक्ति नहीं है।
- (3) इस व्यंग्य चित्र द्वारा यह दर्शाने का प्रयास किया गया है कि लोगों को बोलने की आज़ादी या प्रेस को आज़ादी नहीं थी।
चर्चा करें ( पृष्ठ संख्या 15 )
उत्तर-
- किसी क्षेत्र-विशेष या देश की भाषा और लोकप्रिय परंपराएँ लोगों द्वारा एक साथ बिताए अतीत, सामूहिक एकता से जीवन-यापन की जानकारी देते हैं।
- ये लोगों को एकता और गर्व के धागे से बाँधती हैं।
- ये उन्हें सांस्कृतिक रूप से समान होने की भावना देते हैं, जिससे वे स्वयं को प्राकृतिक रूप से एक और संयुक्त समझते हैं।
इसलिए, भाषा और लोक परंपराएँ राष्ट्रीय पहचान प्रदान करती हैं।
चर्चा करें ( पृष्ठ संख्या 18 )
उत्तर-
(1) ऊपर तीन लेखकों ने महिला-अधिकारों के प्रश्न पर अपने तीन विभिन्न दृष्टिकोण व्यक्त किए हैं।
- (i) इनमें से एक लेखक महिलाओं को किसी भी प्रकार का राजनीतिक अधिकार नहीं देने का समर्थन करता है।
- (ii) दूसरा लेखक उन पुरुषों की आलोचना करता है जिन्हें राजनीतिक अधिकार प्राप्त हैं। साथ ही, दूसरा लेखक महिलाओं को राजनीतिक अधिकार देने की वकालत करता है।
- (iii) तीसरा लेखक महिला अधिकारों के विषय में उनका पक्षधर है। उसने पुरुषों और महिलाओं से संबद्ध राजनीतिक अधिकारों पर एक तुलनात्मक अध्ययन भी प्रस्तुत किया है।
(2) तीनों लेखकों के विचारों से स्पष्ट होता है कि उदारवादी विचारधारा में बड़ा मतभेद है। उदारवादी चिंतक और लेखक महिला अधिकारों के प्रश्न पर बँटे हुए हैं।
गतिविधि ( पृष्ठ संख्या 22 )
उत्तर-
- चित्रानुसार, जूते दक्षिण इटली के दो सिसलियों राज्य को दर्शा रहा है जिन पर गैरीबॉल्डी ने विजय प्राप्त की थी और बाद में उन्हें सार्डीनिया-पीडमॉण्ट के शासक को सौंप दिया था, जिसे संयुक्त इटली का राजा घोषित किया गया था।
- चित्र में इटली के एकीकरण और इसमें गैरीबॉल्डी की भूमिका को दर्शाया गया है।
गतिविधि ( पृष्ठ संख्या 24 )
उत्तर-
- फिलिप वेट द्वारा चित्रित जर्मेनिया के चित्र में दर्शाया गया है कि जर्मन राष्ट्र का उदय हुआ है।
- यह एक नए युग का सूत्रपात है जिसमें उदारवादी-राष्ट्रवादी विचारधारा को बल मिलेगा।
- नया राष्ट्र बेहद शक्तिशाली है और अपने पड़ोसियों के साथ युद्ध या शांति स्थापित करने के लिए तत्पर है।
- जर्मन राष्ट्र निरंकुशता या राजशाही प्रभुत्व से पूरी तरह मुक्त है।
- जर्मेनिया ने बलूत के पत्तों का मुकुट पहन रखा है जो वीरता का प्रतीक है।
- जर्मेनिया के पूर्व के चित्र में परिवर्तन करते हुए मुकुट को टूटी जंजीर के स्थान पर रखा गया है, जो यह दर्शाता है कि राष्ट्र राजशाही के निरंकुश शासन से मुक्त है।
गतिविधि ( पृष्ठ संख्या 24 )
उत्तर-
- जूलियस ह्यूबनर द्वारा चित्रित चित्र में जर्मेनिया काइज़र के मुकुट और छड़ी के समक्ष गिर गई थीं। इस रूपक का अर्थ है कि सर्व-जर्मन की नेशनल एसेंबली, जो फ्रैंकफर्ट संसद के रू में सेंट पॉल चर्च में आयोजित हुई थी, असफल हो गई।
- मुकुट और छड़ी इस बात के प्रतीक हैं कि फ्रैंकफर्ट संसद को राजशाही और सेना द्वारा भंग कर दिया गया था।
गतिविधि ( पृष्ठ संख्या 25 )
उत्तर-
- (i) यदि मैं हॉल ऑफ डेप्युटीज़ में बैठा पुरुष होता तो जर्मेनिया के बैनर को देखकर महसूस करता कि वह सच हो गया है।
- (ii) अगर मैं हॉल ऑफ डेप्युटीज़ में बैठी महिला होती तो इस चित्र को देखकर महसूस करती कि जर्मेनिया का यह चित्र उदारवादी-राष्ट्रवादी विचारधारा का आंशिक रूप से प्रतिनिधित्व करता है।
🔥 Top 10 MCQ (Board Exam)
(A) फ्रांस (B) इटली (C) जर्मनी (D) रूस
उत्तर: (B) इटली
(A) इटली (B) जर्मनी (C) फ्रांस (D) रूस
उत्तर: (A) इटली
(A) 1789 (B) 1815 (C) 1848 (D) 1776
उत्तर: (A) 1789
(A) बिस्मार्क (B) नेपोलियन (C) कावूर (D) मेत्सिनी
उत्तर: (A) बिस्मार्क
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❓ FAQ (Important Questions)
राष्ट्रवाद एक ऐसी भावना है जिसमें लोग अपने राष्ट्र के प्रति एकता और निष्ठा रखते हैं।
राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों के कारण यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय हुआ।
कावूर और गैरीबाल्डी के प्रयासों से इटली का एकीकरण हुआ।
ओटो वॉन बिस्मार्क ने जर्मनी का एकीकरण किया।

